उत्तराखंड के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सोमवार को देहरादून में इसे ‘व्यवस्था का नैतिक पतन’ बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। आर्य ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर पीड़ित को इतना प्रताड़ित किया कि उसे जान देने पर मजबूर होना पड़ा।
Sukhwant Singh : काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की मौत के मामले में सोमवार, 12 जनवरी को उत्तराखंड की राजनीति गर्मा गई। देहरादून स्थित कांग्रेस मुख्यालय में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने धामी सरकार पर तीखा हमला बोला।
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उन्होंने इस घटना को महज एक आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था के नैतिक पतन का जीवंत सबूत करार दिया है। आर्य ने साफ शब्दों में कहा कि एक मजबूर किसान को पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत और सत्ता के अहंकार ने जान देने पर विवश कर दिया।
सुसाइड से पहले वीडियो में बयां किया दर्द
यशपाल आर्य ने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि नौजवान किसान ने यह कदम उठाने से पहले एक वीडियो भी बनाया था। इस वीडियो में उसने अपनी पीड़ा साझा करते हुए स्पष्ट कहा था कि उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से लेकर थाना इंचार्ज तक किसी ने उसकी फरियाद नहीं सुनी।
आर्य के मुताबिक, जिन लोगों ने किसान को प्रताड़ित किया, पुलिस उनके साथ मिली हुई थी। जब न्याय के सारे दरवाजे बंद हो गए, तो उसे बेबस होकर मौत को गले लगाना पड़ा।
‘मजिस्ट्रेटी जांच महज लीपापोती’
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नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार और भू-माफियाओं का अब नापाक गठजोड़ बन चुका है। पुलिस अपने दायित्व भूलकर माफियाओं के हाथों की कठपुतली बन गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं कमिश्नर को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन यह सिर्फ अपने अधिकारियों को बचाने की एक कोशिश है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
4.70 करोड़ की ठगी और फर्जीवाड़ा
इस दुखद घटना की जड़ में करोड़ों की धोखाधड़ी है। मृतक सुखवंत सिंह के पिता तेजा सिंह ने बताया कि उनकी एक जमीन फैक्ट्री प्रोजेक्ट में गई थी, जिसके बदले उन्हें 4 करोड़ 70 लाख रुपये मिले थे।
उन्होंने इस रकम से 7 एकड़ दूसरी जमीन लेने का सौदा किया, लेकिन प्रॉपर्टी डीलरों ने उनके साथ फर्जीवाड़ा कर दिया। आरोप है कि डीलरों ने फर्जी बैनामा थमा दिया और सारा पैसा डूब गया।
काठगोदाम के होटल में दी जान
गौरतलब है कि उधम सिंह नगर के काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह अपने परिवार के साथ नैनीताल जिले के काठगोदाम घूमने गए थे। वहां एक होटल में रुकने के दौरान, जब उनकी पत्नी और बेटा बाहर गए थे, तो उन्होंने कमरे में आत्महत्या कर ली।
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पिता का कहना है कि पुलिस में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, जिससे उनका बेटा टूट गया था। मामले के तूल पकड़ने के बाद अब 26 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है और कुछ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।









