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8th Pay Commission से सैलरी डबल! बाजार में लगेगी आग, लेकिन ये राज 90% लोग नहीं जानते

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नई दिल्ली, 28 नवंबर 2025 : सोचिए, अगर करोड़ों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी में एक झटके में भारी बढ़ोतरी हो जाए, तो क्या होगा? दुकानें गुलजार, खरीदारी का सिलसिला तेज, और कंपनियों की कमाई आसमान छूने लगेगी। ठीक यही सीन 8th Pay Commission (आठवें वेतन आयोग) लागू होने पर नजर आ सकता है।

दिग्गज ग्लोबल बैंक जेपी मॉर्गन (JPMorgan) की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि ज्यादा खर्च से शेयर बाजार को जबरदस्त बूस्ट मिलेगा। ये सिर्फ सैलरी बढ़ाने का खेल नहीं, बल्कि पूरी भारतीय इकॉनमी को नई स्पीड देने वाला बड़ा धमाका साबित हो सकता है।

8th Pay Commission पर सरगर्मियां जोरों पर

8th Pay Commission (आठवें वेतन आयोग) को लेकर हंगामा मचा हुआ है। रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई वाली कमेटी ने अपनी शुरुआती मीटिंग्स शुरू कर दी हैं। सरकार ने इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (Terms of Reference) भी जारी कर दिए हैं। कमेटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए करीब 18 महीने मिले हुए हैं। रिपोर्ट आने पर केंद्र सरकार फैसला लेगी। अगर हरी झंडी मिली, तो नई सैलरी और बेनिफिट्स बाद में मिलें, लेकिन 1 जनवरी 2026 से रेट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट चलेगा। मतलब, सारा पुराना एरियर एक साथ जेब में आ जाएगा।

खरीदारी की रफ्तार तेज: लोग झट से उड़ाएंगे पैसे

जेपी मॉर्गन (JPMorgan) ने एनडीटीवी प्रॉफिट को दिए अपने एनालिसिस में बता दिया कि 8th Pay Commission (आठवें वेतन आयोग) से कंजम्प्शन एक्सेलरेशन (consumption acceleration) यानी खर्च की रफ्तार इतनी तेज होगी कि शेयर मार्केट मजबूत बनेगा। कर्मचारियों के पास ज्यादा कैश आएगा तो वो बड़े स्तर पर शॉपिंग करेंगे। घर, कार, गैजेट्स, फर्नीचर और डेली यूज की चीजें – सब पर खर्चा बढ़ेगा। कंपनियों की सेल्स और प्रॉफिट ऊपर चढ़ेगा, जिससे लोकल और फॉरेन इनवेस्टर्स शेयर बाजार में और पैसा झोंकेंगे।

फिटमेंट फैक्टर: सैलरी बढ़ोतरी का असली राज

कमेटी सैलरी फिक्स करते वक्त सबसे ज्यादा फोकस करती है फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) पर। ये वो मल्टीप्लायर है जो पुरानी बेसिक पे को नए स्ट्रक्चर में कन्वर्ट करता है। इसे कैलकुलेट करने में इन्फ्लेशन, लिविंग कॉस्ट और डॉ. पेगू वैलेस आर आयक्रॉयड का फॉर्मूला काम आता है। यही फैक्टर तय करता है कि सैलरी में कितनी रियल ग्रोथ होगी। जेपी मॉर्गन (JPMorgan) ने पुराने 8th Pay Commission (आठवें वेतन आयोग) के साथ कंपेयर भी किया है।

छठे 8th Pay Commission ने बाजार हिला दिया था

2008 में छठा वेतन आयोग आया तो फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) 1.74 से 1.86 के बीच रहा। नतीजा? सैलरी में करीब 40 पर्सेंट की छलांग लग गई। कर्मचारियों को मोटा एरियर मिला, जिससे बाजार में हलचल मच गई। नई गाड़ियां, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रॉनिक्स और बड़े खर्चों की बाढ़ आ गई।

सातवें 8th Pay Commission ने अधूरा छोड़ा कमाल

लेकिन 2016 के सातवें वेतन आयोग में सैलरी तो बढ़ी, पर वैसा धमाल नहीं हुआ। फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) 2.57 रखा गया, लेकिन रियल हाइक सिर्फ 23-25 पर्सेंट रहा। वजह? डियरनेस अलाउंस (DA) जो बेसिक का 125 पर्सेंट हो चुका था, उसे नए सिस्टम में जीरो कर दिया। एरियर भी न के बराबर मिला, तो खर्चा सिर्फ छोटी-मोटी चीजों तक सिमट गया। बड़े शॉपिंग का सीन कम दिखा।

8th Pay Commission (आठवें वेतन आयोग) से उम्मीदें आसमान छू रही हैं। सैलरी बढ़ने पर कंजम्प्शन साइकिल फिर से रफ्तार पकड़ेगी। सरकार को टैक्स से ज्यादा इनकम, कंपनियों को स्ट्रॉन्ग रिजल्ट्स और शेयर मार्केट में पॉजिटिव वाइब्स मिलेंगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इस बार ग्रोथ बैलेंस्ड रखी गई, तो ये असर सिर्फ गवर्नमेंट एम्प्लॉयी तक नहीं, बल्कि पूरे देश की इकॉनमी पर छा जाएगा।

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