Aaj Ka Panchang 22 October 2025 : कल सुबह होते ही घर-घर में गोवर्धन पूजा की तैयारी जोरों पर होगी। 22 अक्टूबर 2025, जो बुधवार को पड़ रहा है, वह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लेकर आया है। यह तिथि खासतौर पर अन्नकूट और गोवर्धन पूजा के लिए जानी जाती है, जब लोग भगवान कृष्ण की लीला को याद करते हुए प्रकृति के आभार को व्यक्त करते हैं। पंचांग की मानें तो यह दिन नई शुरुआत के लिए भी अनुकूल लगता है, बशर्ते आप समय का सही ध्यान रखें।
जरा सोचिए, दिवाली की चमक-दमक के ठीक बाद गोवर्धन पूजा का यह पर्व कितना सुकून देता है। घरों में बनी अन्नकूट की थाली, जिसमें तरह-तरह के व्यंजन सजते हैं, वह तो बस एक बहाना है – असल में यह समृद्धि और एकता का प्रतीक है। लेकिन पूजा का सही समय जानना जरूरी है, वरना सारी मेहनत अधर में लटक सकती है।
तिथि, नक्षत्र और योग का संयोग
आज की तिथि प्रतिपदा सुबह 10:45 बजे तक रहेगी, उसके बाद द्वितीया में प्रवेश हो जाएगा। नक्षत्र की बात करें तो ज्येष्ठा दोपहर 3:20 बजे तक रहेगा, फिर मूला नक्षत्र शुरू होगा। प्रीति योग, जो रिश्तों और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, पूरे दिन बना रहेगा – यह सुबह 3:17 बजे से 23 अक्टूबर तक चलेगा। विष्कुम्भ योग का प्रभाव भी थोड़ा सा महसूस होगा, लेकिन कुल मिलाकर दिन शांतिपूर्ण रहेगा।
सूर्योदय की घड़ी करीब 6:25 बजे होगी, जबकि सूर्यास्त शाम 5:45 बजे के आसपास। चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा, जो भावनाओं को गहरा बनाता है। अगर आप कोई नया संकल्प ले रहे हैं, तो यह योग आपके पक्ष में काम कर सकता है।
राहुकाल और अशुभ समय से सावधानी
हर पंचांग में राहुकाल का जिक्र आता है, और आज यह दोपहर 12:01 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई बड़ा फैसला या शुभ कार्य शुरू न करें, क्योंकि ज्योतिष के अनुसार यह समय चुनौतियां ला सकता है। इसी तरह, गुलिक काल सुबह 8:55 से 10:25 बजे तक और यमगंड दोपहर 3:30 से 5:00 बजे तक रहेगा। इन घड़ियों में आराम करें या हल्का-फुल्का काम निपटाएं।
दूसरी तरफ, दिशाशूल पूर्व दिशा में है, इसलिए यात्रा पर निकलते वक्त सावधानी बरतें। लेकिन चिंता न करें, ये छोटी-छोटी बातें जानकर आप दिन को बेहतर बना सकते हैं।
शुभ मुहूर्त
गोवर्धन पूजा के लिए सबसे शुभ समय सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक है। अगर आप विवाह या गृह प्रवेश जैसे बड़े संस्कार प्लान कर रहे हैं, तो दोपहर 12:45 से 2:15 बजे का मुहूर्त आदर्श रहेगा। नामकरण संस्कार के इच्छुक माता-पिता शाम 4:30 से 6:00 बजे तक का समय चुन सकते हैं। अन्नकूट पूजन तो सूर्यास्त के बाद, रात 7:00 बजे से शुरू करना चाहिए – तब थाली सजाकर भगवान को अर्पित करना सबसे पुण्यकारी होगा।
ये मुहूर्त दिल्ली-एनसीआर के आधार पर हैं, लेकिन स्थानीय पंचांग से थोड़ा फर्क पड़ सकता है। हमेशा नजदीकी मंदिर या ज्योतिषी से कन्फर्म करें।
चौघड़िया
चौघड़िया मुहूर्त भी आज के दिन को आसान बनाते हैं। सुबह का अमृत काल 6:25 से 8:00 बजे तक है – पूजा या पढ़ाई के लिए बिल्कुल सही। दोपहर में चर चौघड़िया 10:55 से 12:30 बजे तक यात्रा या मीटिंग के काम आएगा। शाम का लाभ काल 3:25 से 5:00 बजे तक नए प्रोजेक्ट्स के लिए अच्छा रहेगा। बस लबण (7:55 से 9:30 बजे) और ऊद्वेग (12:30 से 2:05 बजे) से दूर रहें।









