Illegal Immigration : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार सुबह पंजाब के अमृतसर और गुरदासपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। यह कार्रवाई अवैध इमिग्रेशन से जुड़े एक बड़े रैकेट के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है। NIA की टीमें सुबह-सुबह दोनों जिलों में दो ठिकानों पर पहुंचीं और दस्तावेजों की गहन छानबीन शुरू की। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी।
अमृतसर में विशाल शर्मा के घर NIA की दबिश
अमृतसर के शास्त्री नगर इलाके में रहने वाले विशाल शर्मा के घर NIA की टीम ने सुबह तड़के छापा मारा। विशाल रंजीत एवेन्यू क्षेत्र में इमिग्रेशन से जुड़ा कारोबार चलाते हैं। सूत्रों की मानें तो NIA को उनके कामकाज से जुड़े कुछ संदिग्ध दस्तावेजों और गतिविधियों की जानकारी मिली थी। एनआईए ने विशाल के घर में मौजूद सभी कागजातों की बारीकी से जांच की। स्थानीय लोगों में इस छापेमारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
गुरदासपुर में काका फौजी के घर पर छानबीन
दूसरी ओर, गुरदासपुर के फतेहगढ़ चूड़ियां के चितौड़गढ़ गांव में NIA ने सेवानिवृत्त फौजी काका फौजी उर्फ कश्मीर सिंह के घर पर दबिश दी। सुबह शुरू हुई यह छापेमारी कई घंटों तक चली और खबर लिखे जाने तक जांच जारी थी। NIA की टीम ने घर के किसी भी सदस्य को बाहर जाने की इजाजत नहीं दी और दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। इस दौरान पूरे इलाके में तनाव का माहौल रहा।
स्थानीय पुलिस ने संभाला मोर्चा
NIA की इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद रही। दोनों ठिकानों पर पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाया और किसी को भी घरों के पास आने-जाने नहीं दिया गया। पड़ोसियों और आसपास के लोगों में इस कार्रवाई को लेकर उत्सुकता और चर्चा का माहौल रहा, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को पूरी तरह गोपनीय रखा।
अवैध इमिग्रेशन पर NIA की पैनी नजर
सूत्रों के मुताबिक, NIA इस साल की शुरुआत से ही अवैध इमिग्रेशन के धंधे में शामिल लोगों और एजेंसियों पर कड़ी नजर रख रही है। इस छापेमारी को भी उसी सिलसिले की कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक NIA की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है और न ही किसी की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है।
आगे क्या होगा?
NIA ने दोनों ठिकानों से जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और छापेमारी या पूछताछ हो सकती है। फिलहाल, अधिकारी इस पूरे मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं और जांच की प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया है।









