Thyroid Diet Tips : थायराइड आज के समय की सबसे आम बीमारियों में से एक बन चुकी है। यह बीमारी तब होती है जब शरीर में थायराइड ग्रंथि ज़रूरत से ज़्यादा या कम हार्मोन बनाने लगती है।
इसकी वजह से शरीर का मेटाबॉलिज्म असंतुलित हो जाता है और कई शारीरिक दिक्कतें सामने आने लगती हैं। थायराइड मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है — हाइपरथायरायडिज्म, हाइपोथायरायडिज्म, थायरॉयडिटिस और हाशिमोटो थायरॉयडिटिस।
दवा के साथ-साथ सही खान-पान का ध्यान रखना इस बीमारी में बेहद ज़रूरी है। कुछ खाने की चीजें ऐसी होती हैं जो थायराइड की स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं। आइए जानते हैं उन फूड्स के बारे में जिनसे थायराइड के मरीजों को दूर रहना चाहिए।
क्रूसिफेरस सब्जियों से करें परहेज
ब्रोकली, पत्तागोभी, फूलगोभी और पालक जैसी क्रूसिफेरस सब्जियों में ‘गोइट्रोजन’ नामक तत्व पाया जाता है, जो थायराइड हार्मोन के निर्माण में बाधा डाल सकता है।
अगर आपको पहले से थायराइड की समस्या है, तो इन सब्जियों का सेवन सीमित मात्रा में ही करें या इन्हें उबालकर खाएं ताकि इनका प्रभाव कम हो जाए।
ज़्यादा रेशेदार (फाइबर युक्त) आहार से बचें
हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोगों को ज़्यादा फाइबर वाला आहार समस्या बढ़ा सकता है। हरी फलियां, साबुत अनाज और दालें जैसे फूड्स पाचन तंत्र पर असर डालते हैं और दवा के असर को कम कर सकते हैं।
अगर आपको रोज़ फाइबर खाना पसंद है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार उसकी मात्रा तय करें।
शुगर और सूजन बढ़ाने वाले फूड्स न खाएं
हाइपरथायरायडिज्म के मरीजों को स्ट्रॉबेरी, आड़ू, शकरकंद और कसावा जैसे स्टार्चयुक्त या मीठे फूड्स से दूर रहना चाहिए। ये चीजें शरीर में सूजन बढ़ा सकती हैं, जिससे थायराइड ग्रंथि की सूजन और बढ़ जाती है।
ज़्यादा चीनी वाली चीजें भी ब्लड शुगर लेवल असंतुलित कर सकती हैं, इसलिए मिठाइयों, बेकरी आइटम्स और सॉफ्ट ड्रिंक्स से दूरी बनाकर रखें।
बाजरा और नट्स का ज़्यादा सेवन न करें
हाइपोथायरायडिज्म वाले लोगों को बाजरा, मूंगफली और पाइन नट्स जैसी चीजों से परहेज करना चाहिए। ये फूड्स थायराइड ग्रंथि की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
कभी-कभी सीमित मात्रा में खाना ठीक है, लेकिन इन्हें अपनी डेली डाइट का हिस्सा न बनाएं।
सोया प्रोडक्ट्स से दूरी बनाएं
रिसर्च बताती है कि सोया से बनी चीजें, जैसे सोया चंक्स, टोफू और सोया मिल्क, शरीर में थायराइड की दवाओं को अवशोषित करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इसका मतलब है कि दवा का पूरा असर शरीर पर नहीं पड़ता।
इसलिए थायराइड के मरीजों को सोया आधारित उत्पादों का सेवन सीमित करना चाहिए या डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
ध्यान रखें ये बातें
थायराइड एक ऐसी स्थिति है जो जीवनशैली और आहार दोनों से गहराई से जुड़ी होती है। अगर आप दवा के साथ संतुलित आहार, योग और तनाव-मुक्त जीवन अपनाते हैं, तो इस बीमारी को लंबे समय तक नियंत्रित रखा जा सकता है।
समय-समय पर टेस्ट कराना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेना बेहद ज़रूरी है। थायराइड के मरीजों को सिर्फ दवा पर निर्भर रहने के बजाय अपने खाने-पीने की आदतों में बदलाव करना चाहिए।
कुछ खाद्य पदार्थ भले ही हेल्दी माने जाते हों, लेकिन थायराइड की स्थिति में वे नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। सही खान-पान और नियमित जांच से आप इस समस्या को कंट्रोल में रख सकते हैं।









