Vastu For Dining Room : वास्तु शास्त्र को भारत में प्राचीन काल से ही जीवन का अहम हिस्सा माना गया है। कहा जाता है कि घर की सही दिशा और ऊर्जा संतुलन से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
खासकर डाइनिंग रूम, जहाँ परिवार साथ बैठकर भोजन करता है, वहां वास्तु का पालन करना बेहद ज़रूरी होता है। आइए जानते हैं डाइनिंग रूम से जुड़े कुछ आसान वास्तु उपाय –
डाइनिंग टेबल की पोज़िशन
डाइनिंग टेबल का कोना कभी भी आराम करने की जगह या बेडरूम की ओर नहीं होना चाहिए। यह न सिर्फ देखने में अजीब लगता है बल्कि सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को भी बाधित करता है।
डाइनिंग टेबल का आकार
गोल या अंडाकार आकार की डाइनिंग टेबल सबसे शुभ मानी जाती है। इससे परिवार में बैलेंस और सामंजस्य बना रहता है।
गोल टेबल पर बैठने से सभी के बीच की दूरी कम हो जाती है और बातचीत भी सहज हो जाती है।
टूटे-फूटे बर्तनों से परहेज़
पिचके, टूटे या दरार वाले बर्तनों का इस्तेमाल न करें। ऐसे बर्तन नकारात्मकता लाते हैं और वास्तु के अनुसार इन्हें तुरंत घर से बाहर कर देना चाहिए।
साफ-सुथरे और अच्छे बर्तनों में परोसा गया भोजन घर की सकारात्मक छवि और वातावरण को बनाए रखता है।
ताजगी और समृद्धि का प्रतीक
डाइनिंग टेबल पर हमेशा ताजे फूल और फलों से भरा एक गोल बर्तन रखना चाहिए। यह न सिर्फ सजावट बढ़ाता है बल्कि घर में सुख-समृद्धि और ताजगी का प्रतीक भी माना जाता है।
टीवी और घड़ी से बचें
डाइनिंग रूम में टीवी और दीवार घड़ी नहीं लगानी चाहिए। टीवी होने से परिवार के लोग बातचीत की बजाय स्क्रीन पर ध्यान देने लगते हैं, जिससे रिश्तों में दूरी आ सकती है।
वहीं घड़ी लगातार नज़र आने से खाने के दौरान मन पर दबाव बनता है।
रोशनी और पॉजिटिव एनर्जी
डाइनिंग रूम को हमेशा रोशन और जीवंत बनाए रखें। दीवारों पर सुंदर और सकारात्मक संदेश देने वाली पेंटिंग लगाएँ। छोटे-छोटे हरे पौधे सजावट के साथ-साथ शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करते हैं।
इन छोटे-छोटे वास्तु टिप्स को अपनाकर आप अपने घर के डाइनिंग रूम को न सिर्फ आकर्षक बना सकते हैं बल्कि परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली भी ला सकते हैं।









