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Digital Caste Census Pre-Test : जनगणना 2027 की शुरुआत आज से, सरकार ने शुरू किया डिजिटल प्री-टेस्ट

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Digital Caste Census Pre-Test : भारत में पहली बार डिजिटल और जाति आधारित जनगणना की ओर बड़ा कदम उठाते हुए जनगणना 2027 के पहले चरण का प्री-टेस्ट आज से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान गणनाकर्मी अपने-अपने इलाकों में चुनिंदा नागरिकों के घर जाएंगे और उन्हें ऑनलाइन पोर्टल के जरिए डिटेल्स भरने में मदद करेंगे।

एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया कि ये एक्सरसाइज स्व-गणना मॉड्यूल की असली ताकत जांचने के लिए की जा रही है। ये देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी और आजाद भारत में पहली बार जाति आधारित गिनती भी इसमें शामिल की जाएगी।

पोर्टल और ऐप का सीक्रेट टेस्ट

द हिंदू ने अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि स्व-गणना पोर्टल और मोबाइल ऐप को 1 से 10 नवंबर और फिर 10 से 30 नवंबर के बीच कुछ चुनिंदा इलाकों में टेस्ट किया जाएगा। इनका लिंक पब्लिकली शेयर नहीं किया जाएगा, ताकि टेस्टिंग बिना किसी रुकावट के हो सके। इस फेज में घरों से जुड़े करीब 30 सवाल पूछे जाएंगे। जैसे कि बिल्डिंग नंबर, छत और फर्श का मुख्य सामान, परिवार के मुखिया का नाम और जेंडर, घर में कितने लोग रहते हैं, पीने के पानी का सोर्स, बिजली की व्यवस्था, टॉयलेट की सुविधा, खाना पकाने का फ्यूल, टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल, गाड़ी वगैरह की डिटेल्स ली जाएंगी।

आधिकारिक नोटिफिकेशन और शेड्यूल

रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त ने 16 अक्टूबर को नोटिफिकेशन जारी कर बताया था कि हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग जनगणना (HLO) का ये प्री-टेस्ट 10 से 30 नवंबर तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सिलेक्टेड एरिया में होगा, जबकि स्व-गणना की फैसिलिटी 1 से 7 नवंबर तक उपलब्ध रहेगी।
अधिकारी के मुताबिक, “गणनाकर्मी पहले चुनिंदा लोगों को पोर्टल का पता बताएंगे ताकि वे खुद ऑनलाइन फॉर्म भर सकें।

फिर 10 से 30 नवंबर के बीच वे उन्हीं घरों का दोबारा विजिट करेंगे और बाकी घरों की जानकारी मोबाइल ऐप पर कलेक्ट करेंगे।” दोनों मॉड्यूल्स को जनगणना मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम से कनेक्ट किया गया है।

कोविड के बाद नई जनगणना और NPR का ट्विस्ट

कोविड-19 महामारी की वजह से रुकी जनगणना 2021 को अब जनगणना 2027 के रूप में कराया जाएगा, जिसकी फाइनल काउंटिंग 1 अप्रैल 2026 से 28 फरवरी 2027 के बीच पूरी होगी। पिछली प्रोसेस में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) को भी अपडेट किया गया था, लेकिन सरकार ने लोकसभा में क्लियर कर दिया है कि इस बार NPR को अपडेट नहीं किया जाएगा। NPR का डेटा आखिरी बार 2015-16 में रिवाइज किया गया था।

सूत्रों की मानें तो जाति आधारित सवालों की आउटलाइन अभी फाइनल नहीं हुई है, इसलिए अभी सिर्फ HLO फेज का टेस्ट हो रहा है। 2019 में प्रस्तावित जनगणना 2021 के लिए ऐसा टेस्ट 76 जिलों में 26 लाख लोगों को कवर कर किया गया था।

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