Aaj Ka Panchang 2 November 2025 : कार्तिक मास की ठंडी हवाओं के बीच 2 नवंबर को हिंदू परिवारों में एक खास उत्साह छा जाएगा। रविवार का दिन होने से तो वैसे ही लोग आराम के मूड में रहते हैं, लेकिन इस बार कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि इसे और भी यादगार बना देगी।
पंचांग के अनुसार, यह दिन तुलसी विवाह के लिए चुना गया है, जो भगवान विष्णु और तुलसी माता के पवित्र मिलन का प्रतीक है। पिछले दिनों दीपावली की रौनक अभी बाकी है, और अब यह एकादशी व्रत भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगा।
सुबह होते ही घरों में पूजा की तैयारी शुरू हो जाएगी। सूर्योदय करीब 6:32 बजे होगा, जब चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा। शतभिषा नक्षत्र दोपहर 4:20 बजे तक प्रभावी रहेगा, उसके बाद नया नक्षत्र आ जाएगा। तिथि की बात करें तो एकादशी 1 नवंबर सुबह 9:11 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर सुबह 5:31 बजे तक चलेगी।
इसके बाद द्वादशी में प्रवेश होगा। योग की दृष्टि से ध्रुव योग रात 12:10 बजे तक बना रहेगा, जो स्थिरता और शांति का संकेत देता है। करण में वणिज दोपहर 6:27 बजे तक और उसके बाद विष्टि रहेगा, इसलिए महत्वपूर्ण कामों के लिए समय का ध्यान रखना जरूरी है।
तुलसी विवाह
इस दिन का सबसे बड़ा आकर्षण तुलसी विवाह है। मान्यता है कि तुलसी का विवाह भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप से होता है, जो घर में सुख-समृद्धि लाता है। पिछले सालों की तरह इस बार भी मंदिरों और घरों में तुलसी पूजन की धूम रहेगी।
व्रत रखने वाले सुबह उपवास शुरू करेंगे, और शाम को विशेष आरती के साथ विवाह की रस्में निभाएंगे। पंचांग बताता है कि सूर्यास्त शाम 5:47 बजे होगा, तो चंद्रोदय दोपहर 3:24 बजे के आसपास हो चुका होगा। यह संयोग पूजा को और पवित्र बनाता है।
शुभ मुहूर्त और राहु काल
अगर आप कोई शुभ कार्य की सोच रहे हैं, तो पंचांग में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:45 से 5:30 बजे तक अनुकूल है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:50 से 12:40 बजे के बीच पड़ेगा, जो विवाह या गृह प्रवेश जैसे कामों के लिए बढ़िया रहेगा। लेकिन सावधान रहें, राहु काल दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक अशुभ माना जाता है। इस दौरान नए काम शुरू न करें, वरना बाधाएं आ सकती हैं।
गुलिक काल सुबह 9:00 से 10:30 बजे और यमगंड दोपहर 3:00 से 4:30 बजे तक रहेगा। कुल मिलाकर, दिन का अधिकांश हिस्सा सकारात्मक ऊर्जा से भरा है, बस इन समयों का ख्याल रखें।









