Lenskart IPO : आईवियर रिटेलर लेंसकार्ट सॉल्यूशंस (Lenskart Solutions) ने अपने IPO से पूरे शेयर बाजार में हंगामा बचा दिया है। निवेशकों ने इस IPO को इतना प्यार दिया कि जो लोग कंपनी की वैल्यूएशन (valuation) को लेकर चिंता जता रहे थे, अब वही इसे ब्लॉकबस्टर कहते नहीं थक रहे।
खास बात ये है कि 7,278 करोड़ रुपये के इस IPO को 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोली मिल चुकी है। सभी कैटेगरी के निवेशकों ने जोरदार रिस्पॉन्स दिया, जो लेंसकार्ट IPO की ताकत को साफ दिखाता है।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, लेंसकार्ट IPO को कुल 26.4 गुना सब्सक्रिप्शन (subscription) मिला। यानी 9.97 करोड़ शेयरों के खिलाफ 263 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोली लगी। 382-402 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड (price band) के ऊपरी छोर पर ये बोलीं कुल 1 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गईं। ये आंकड़े बताते हैं कि लेंसकार्ट IPO ने बाजार में कितना जोश भरा है।
QIB ने दिखाया जबरदस्त जोश
सबसे ज्यादा उत्साह क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) से आया, जिन्होंने अपने हिस्से को 37.19 गुना सब्सक्राइब (subscribe) कर दिया। ये विदेशी और घरेलू फंड्स का लेंसकार्ट IPO पर मजबूत भरोसा दिखाता है। हालांकि, कई एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि हाई वैल्यूएशन (high valuation) की वजह से लिस्टिंग के बाद प्रॉफिट की गुंजाइश कम रह सकती है।
मजबूत एंकर बुक (anchor book) के बाद QIB की डिमांड मजबूत रहने की उम्मीद थी। IPO खुलने से ठीक पहले बड़े म्यूचुअल फंड्स और ग्लोबल इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया था। एंकर इनवेस्टर्स ने पहले ही बड़े हिस्से के शेयर खरीद लिए, जिससे प्राइमरी मार्केट में सेंटीमेंट मजबूत हुआ।
भारत का ऑर्गनाइज्ड आईवियर मार्केट अभी काफी फ्रैगमेंटेड है, लेकिन लेंसकार्ट IPO की ताकत इसे डोमिनेंट बनाने की क्षमता दिखाती है। कंपनी मिडिल ईस्ट और साउथ ईस्ट एशिया जैसे फॉरेन मार्केट्स में तेजी से फैल रही है, जो इनवेस्टर्स का कॉन्फिडेंस बढ़ा रहा है।
HNI और रिटेल इनवेस्टर्स भी पीछे नहीं रहे
हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) भी इस रेस में कूद पड़े और उन्होंने 18.07 गुना सब्सक्रिप्शन लिया। नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में छोटे-बड़े पर्सनल इनवेस्टर्स की लगातार पार्टिसिपेशन दिखी, खासकर IPO के आखिरी दो दिनों में। रिटेल इनवेस्टर्स की पार्टिसिपेशन तीनों कैटेगरी में सबसे कम रही, लेकिन फिर भी ये इम्प्रेसिव थी – 6.98 गुना सब्सक्राइब हुई।
हाई एंट्री वैल्यू के बावजूद आम इनवेस्टर्स का ये जोश लेंसकार्ट IPO की ब्रांड पॉपुलैरिटी और न्यू-एज कंज्यूमर बिजनेस पर आशावाद दिखाता है। रिटेल ने करोड़ों शेयरों के लिए बोली लगाई।
वैल्यूएशन पर छिड़ी गर्म बहस
लेंसकार्ट IPO ने मार्केट वॉचर्स के बीच वैल्यूएशन (valuation) को लेकर जमकर बहस छेड़ दी है। प्राइस बैंड के ऊपरी छोर पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब 70,000 करोड़ रुपये का है, जो FY25 की इनकम पर 230 गुना से ज्यादा का प्राइस-टू-अर्निंग्स रेशियो (P/E ratio) देता है – ये इंडिया के कंज्यूमर-टेक लिस्टिंग्स में सबसे हाई है।
कंपनी ने FY25 में 6,652 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर 297 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दिखाया, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा जापानी ब्रांड ओनडेज (Owndays) के एक्विजिशन से जुड़े वन-टाइम अकाउंटिंग गेन का था। एडजस्टमेंट के बाद नॉर्मलाइज्ड प्रॉफिट करीब 130 करोड़ रुपये रह जाता है, यानी मार्जिन बहुत थिन हैं।
फिर भी, एनालिस्ट्स कहते हैं कि मार्केट की ये रिएक्शन दिखाता है कि इनवेस्टर्स शॉर्ट-टर्म इनकम इंडिकेटर्स की बजाय लेंसकार्ट IPO के स्केल, ब्रांड स्ट्रेंथ और डिजिटल-फर्स्ट रिटेल मॉडल पर फोकस कर रहे हैं। कंपनी का स्ट्रॉन्ग डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क – 2,500 से ज्यादा स्टोर्स ग्लोबली और टॉप ऑनलाइन प्रेजेंस – इसे इंडिया के आईवियर सेक्टर में बड़ा प्लेयर बना चुका है।









