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Hormonal Belly Fat : वज़न घट नहीं रहा, इन हार्मोन की गड़बड़ी रोक रही है आपका फैट लॉस

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Hormonal Belly Fat : क्या आप भी हर डाइट और एक्सरसाइज़ ट्रिक अपनाने के बाद भी वज़न कम नहीं कर पा रहे? हो सकता है वजह आपकी लाइफस्टाइल नहीं, बल्कि हार्मोनल असंतुलन हो।

शरीर के कुछ खास हार्मोन ऐसे होते हैं जो फैट बर्निंग और मेटाबॉलिज़्म को कंट्रोल करते हैं। अगर ये हार्मोन बिगड़ जाएं तो चाहकर भी वेट कम नहीं होता। आइए जानते हैं ऐसे 5 हार्मोन जो आपकी वेट लॉस जर्नी में रुकावट बन सकते हैं और उन्हें बैलेंस करने के आसान घरेलू तरीके।

इंसुलिन हार्मोन – फैट स्टोरेज का बड़ा कारण

इंसुलिन, पैंक्रियाज़ से निकलने वाला हार्मोन है जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। जब इसका लेवल गड़बड़ हो जाता है तो शरीर में फैट स्टोर होना शुरू हो जाता है और वज़न घटाना मुश्किल हो जाता है।

क्या करें

हर सुबह एक चम्मच भिगोए हुए मेथी दाने चबाकर खाएं या उनका पानी पिएं। मेथी इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाती है और फैट मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाती है।

कोर्टिसोल हार्मोन – तनाव से बढ़ता है वजन

अगर आप लगातार स्ट्रेस या मानसिक दबाव में रहते हैं तो कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है। इससे न केवल थकान और कमजोरी महसूस होती है, बल्कि शरीर में फैट जमा होना शुरू हो जाता है।

क्या करें

रोज रात को सोने से पहले आधा चम्मच अश्वगंधा पाउडर को गुनगुने दूध या पानी में मिलाकर पिएं। यह तनाव को कम कर कोर्टिसोल लेवल को संतुलित रखता है।

घ्रेलिन हार्मोन – बार-बार भूख लगने का कारण

घ्रेलिन को “हंगर हार्मोन” कहा जाता है। जब यह असंतुलित होता है तो व्यक्ति को ज़रूरत से ज़्यादा भूख लगती है और ओवरईटिंग की वजह से वजन बढ़ जाता है।

क्या करें

रोजाना आधा चम्मच दालचीनी पाउडर गर्म पानी में मिलाकर पिएं या हर्बल टी बनाकर भोजन से पहले लें। यह घ्रेलिन हार्मोन को नियंत्रित करता है और भूख पर नियंत्रण लाता है।

एस्ट्रोजन हार्मोन – कम या ज़्यादा दोनों ही खतरनाक

महिलाओं में एस्ट्रोजन का लेवल बहुत ज़्यादा या बहुत कम होने पर वजन तेज़ी से बढ़ सकता है। यह हार्मोन फैट स्टोरेज और मेटाबॉलिज़्म दोनों को प्रभावित करता है।

क्या करें

अपने आहार में अलसी के बीज (Flax Seeds) शामिल करें। एक चम्मच अलसी रोजाना सलाद या गर्म पानी के साथ लेने से एस्ट्रोजन लेवल बैलेंस होता है।

लेप्टिन हार्मोन – भूख और तृप्ति का कंट्रोलर

जब आप खाना खाते हैं तो लेप्टिन हार्मोन दिमाग को सिग्नल देता है कि पेट भर गया है। लेकिन अगर यह असंतुलित हो जाए तो व्यक्ति को तृप्ति महसूस नहीं होती और वो लगातार खाता रहता है।

क्या करें

रात को सोने से पहले गर्म दूध या पानी में आधा चम्मच हल्दी और काली मिर्च मिलाकर पिएं। यह मिश्रण लेप्टिन को एक्टिव करता है और ओवरईटिंग से बचाता है।

संतुलित जीवनशैली है असली उपाय

हार्मोनल बैलेंस के लिए सिर्फ डाइट ही नहीं, बल्कि पर्याप्त नींद, स्ट्रेस-फ्री माइंड और हल्की एक्सरसाइज़ भी ज़रूरी है। जब ये सभी चीज़ें एक साथ सही दिशा में काम करती हैं, तभी वज़न घटाने के असली परिणाम दिखते हैं।

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