Jitiya Vrat Kanda Ki Sabzi : जितिया व्रत का पारण बिना पारंपरिक व्यंजनों के अधूरा माना जाता है। इस मौके पर कंदा की सब्जी (जिसे सुरन या जिमीकंद भी कहा जाता है) थाली का मुख्य हिस्सा होती है।
यह व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। कंदा की प्रकृति गर्म होती है और यह पाचन शक्ति को मजबूत करने के लिए जाना जाता है।
इसलिए इसे खासतौर पर निर्जला व्रत खोलने के बाद खाना लाभकारी होता है। सरसों के तेल में हल्दी, नमक और हल्के मसालों के साथ बनी यह सब्जी कुरकुरी, हल्की तीखी और बेहद स्वादिष्ट लगती है।
पारण के समय इसे सादा चावल, नोनी का साग और कचरी जैसी पारंपरिक डिशेज के साथ परोसा जाता है।
यही वजह है कि कंदा की सब्जी न सिर्फ एक व्यंजन है, बल्कि हमारी परंपरा, स्वास्थ्य और मातृ-श्रद्धा का प्रतीक भी मानी जाती है।
कंदा की सब्जी बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री
- कंदा (सुरन/जिमीकंद) – 250 से 300 ग्राम
- सरसों का तेल – 2 से 3 बड़े चम्मच
- हल्दी पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- अजवायन या मेथी दाना – ¼ छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
- हरी मिर्च – 1 से 2 (कटी हुई या चीरी हुई)
- पानी – आवश्यकतानुसार
बनाने की विधि
सुरन को अच्छी तरह धोकर छील लें और छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। हल्दी और नमक डालकर इसे उबाल लें जब तक यह नरम न हो जाए। पानी निकालकर अलग रख दें।
कढ़ाही में सरसों का तेल गरम करें। तेल में अजवाइन या मेथी डालें और हरी मिर्च भून लें। अब उबली हुई कंदा डालें।
हल्दी और नमक डालकर धीमी आंच पर 10–15 मिनट तक भूनें। जब यह सुनहरी और हल्की कुरकुरी हो जाए, तो सब्जी तैयार है।
इस सात्विक और पौष्टिक सब्जी को गर्मागर्म परोसें।







