---Advertisement---

Indian Defense Exports : भारत बना वैश्विक हथियार महाशक्ति, ऑपरेशन सिंदूर के बाद मचा तहलका

---Advertisement---

Indian Defense Exports : भारत की सैन्य ताकत अब पूरी दुनिया में छा रही है। ऑपरेशन सिंदूर की शानदार कामयाबी ने न सिर्फ दुश्मनों को सबक सिखाया, बल्कि भारत के स्वदेशी हथियारों की ताकत को भी वैश्विक मंच पर साबित कर दिया।

अब आर्मेनिया जैसे देश भारत की सैन्य तकनीक से इतने प्रभावित हैं कि उन्होंने अपने टॉप सैन्य अधिकारियों को दिल्ली भेजा है, ताकि नई रक्षा डील को पक्का किया जा सके। भारत अब वैश्विक रक्षा बाजार में एक नई ताकत बनकर उभर रहा है।

भारत की सैन्य ताकत ने लहराया परचम

22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देने के लिए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन में भारत ने अपने स्वदेशी हथियारों और रक्षा प्रणालियों का शानदार प्रदर्शन किया। आतंकियों के ठिकानों को तबाह करने के साथ-साथ पाकिस्तानी सेना को भी करारा जवाब दिया गया। इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य तकनीक को दुनियाभर में सुर्खियों में ला दिया, और अब हर कोई भारत के हथियारों की तारीफ कर रहा है।

चीन-तुर्किए को पछाड़ते भारतीय हथियार

ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुए भारतीय हथियारों ने साबित कर दिया कि भारत का रक्षा सिस्टम अब चीन और तुर्किए जैसे देशों से कहीं आगे है। भारत की मिसाइल तकनीक, मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम और एयर डिफेंस सिस्टम की ताकत को देखकर दुनिया हैरान है। इस ऑपरेशन के बाद इन हथियारों की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है, और कई देश भारत से डील करने को बेताब हैं।

आर्मेनिया का भारत पर भरोसा

भारत की सैन्य ताकत से प्रभावित होकर आर्मेनिया ने अपने टॉप सैन्य अधिकारियों का एक दल दिल्ली भेजा है। इस दल का नेतृत्व कर्नल म्हेर इस्रायेल्यान कर रहे हैं। उनका मकसद भारत में बनी AK-203 असॉल्ट राइफल, फ्रंटलाइन सेंसर, स्मार्ट निगरानी सिस्टम और अन्य रक्षा उपकरणों की तकनीक को समझना और नई डील को अंतिम रूप देना है। आर्मेनिया भारत को अपने रक्षा क्षेत्र में एक भरोसेमंद साझेदार मानता है।

अजरबैजान-तुर्किए के खतरे का जवाब

आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है। अजरबैजान को तुर्किए का सैन्य समर्थन मिलता है, और वह तुर्की के हथियारों से लैस है। इस खतरे का मुकाबला करने के लिए आर्मेनिया भारत की ओर देख रहा है। भारत के अत्याधुनिक हथियार और रक्षा सिस्टम आर्मेनिया की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

आर्मेनिया ने भारत से क्या-क्या खरीदा?

2020 से अब तक आर्मेनिया ने भारत से 2 अरब डॉलर से ज्यादा की रक्षा डील की है। इसमें पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, जो तेज और सटीक मारक क्षमता के लिए जाना जाता है, और आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, जो कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट करने में माहिर है, शामिल हैं। 2022 में हुई 720 मिलियन डॉलर की डील के तहत आर्मेनिया 15 यूनिट आकाश-1S एयर डिफेंस सिस्टम खरीद रहा है।

डिलीवरी और अगली खेप की तैयारियां

आकाश-1S सिस्टम की पहली बैटरी नवंबर 2024 में आर्मेनिया को डिलीवर हो चुकी है। दूसरी बैटरी जुलाई 2025 के अंत तक दी जाएगी। इस सौदे के साथ आर्मेनिया भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय ग्राहक बन गया है, जिसने आकाश-1S सिस्टम को खरीदा।

भारत का रक्षा निर्यात बढ़ा

भारत अब सिर्फ रक्षा आयातक ही नहीं, बल्कि एक उभरता हुआ रक्षा निर्यातक भी बन गया है। “मेक इन इंडिया, डिफेंड विद इंडिया” की नीति के तहत भारत अब दुनिया को अपने विश्वस्तरीय हथियार और सिस्टम बेच रहा है। भारत के स्वदेशी हथियारों की मांग बढ़ने से देश की सैन्य ताकत और आर्थिक स्थिति दोनों मजबूत हो रही हैं।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment