Hinjewadi IT Park : पुणे के हिंजेवडी आईटी पार्क को लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने ऐसा बयान दिया है, जिसने सबको चौंका दिया है। उन्होंने दावा किया कि हिंजेवडी का आईटी पार्क धीरे-धीरे महाराष्ट्र से “बाहर जा रहा है” और बेंगलुरु व हैदराबाद जैसे शहरों की ओर बढ़ रहा है। इस बयान ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। आखिर क्या है इस बयान के पीछे की कहानी? चलिए जानते हैं।
अजित पवार का गुस्सा और सुबह की सैर
शनिवार की सुबह पिंपरी चिंचवड में स्थानीय समस्याओं का जायजा लेने पहुंचे अजित पवार का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब उन्होंने हिंजेवडी की स्थिति पर चर्चा की। न्यूज एजेंसी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में पवार स्थानीय सरपंच गणेश जांभुलकर से तीखी बातचीत करते दिखे। उन्होंने कहा, “हम बर्बाद हो रहे हैं। हिंजेवडी का पूरा आईटी पार्क बाहर जा रहा है। मेरे पुणे से, महाराष्ट्र से बाहर, बेंगलुरु और हैदराबाद की ओर। क्या आपको इसकी जरा भी चिंता नहीं है?”
पवार सुबह 6 बजे हिंजेवडी पहुंचे थे, ताकि जलभराव जैसी स्थानीय समस्याओं का जायजा ले सकें। उन्होंने पिंपरी चिंचवड के कई इलाकों का दौरा भी किया। लेकिन सरपंच द्वारा स्थानीय समस्याओं को मीडिया के सामने उठाने पर पवार भड़क गए। उन्होंने मीडिया से कैमरे बंद करने को कहा और बोले, “जब बांध बनते हैं, तो मंदिर भी हटाए जाते हैं। आप जो चाहे कह सकते हैं, मैं सुनूंगा, लेकिन करूंगा वही जो मैं चाहता हूं।”
सुबह 6 बजे निरीक्षण क्यों?
पवार ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “मैं सुबह 6 बजे निरीक्षण के लिए क्यों आता हूं? मुझे समझ नहीं आता। अब सख्त कदम उठाने के अलावा कोई चारा नहीं है।” उनका यह बयान स्थानीय प्रशासन और लोगों के लिए एक चेतावनी की तरह था।
हिंजेवडी आईटी पार्क: पुणे की शान
हिंजेवडी में राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क स्थित है, जो 2,800 एकड़ में फैला एक प्रमुख टेक और बिजनेस जोन है। इसे महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) ने विकसित किया था और यहां 800 से ज्यादा कंपनियों के ऑफिस हैं। इस पार्क ने पुणे को देश के प्रमुख आईटी हब के रूप में पहचान दिलाई। लेकिन अगर कंपनियां यहां से पलायन करने लगीं, तो यह महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए बड़ा झटका हो सकता है।
क्या है असली चिंता?
पवार का यह बयान हिंजेवडी में बढ़ती समस्याओं की ओर इशारा करता है। जलभराव, ट्रैफिक और बुनियादी ढांचे की कमी जैसी समस्याएं कंपनियों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं। अगर ये मुद्दे हल नहीं हुए, तो पुणे का यह गौरवशाली आईटी हब अपनी चमक खो सकता है। पवार का गुस्सा और उनका बयान इस बात का संकेत है कि स्थिति को सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।








