Sleep Paralysis Symptoms : क्या आपने कभी ऐसा अनुभव किया है कि गहरी नींद से अचानक उठे हों और चाहकर भी शरीर को हिला न पाए हों?
उस पल ऐसा लगता है मानो कोई चीज़ आपको रोक रही हो। यह डरावना अनुभव दरअसल स्लीप पैरालिसिस (Sleep Paralysis) या निद्रा लकवा कहलाता है।
यह एक ऐसी अवस्था होती है जब दिमाग जाग जाता है लेकिन शरीर नींद की अवस्था में ही रहता है।
ऐसे में व्यक्ति को लगता है कि वह पूरी तरह से लकवाग्रस्त हो गया है। स्वाभाविक है कि इस दौरान घबराहट या डर महसूस होना लाज़िमी है।
स्लीप पैरालिसिस क्या होता है?
विशेषज्ञ बताते हैं कि जब हम सोते हैं तो दिमाग शरीर की मांसपेशियों को शिथिल कर देता है, ताकि हमें आराम मिल सके।
लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि दिमाग तो नींद से जाग जाता है, मगर शरीर वैसा ही सुस्त बना रहता है। यही स्थिति स्लीप पैरालिसिस कहलाती है।
इस अवस्था में
- व्यक्ति होश में होता है
- आसपास की चीज़ों को देख और सुन सकता है
- लेकिन शरीर का कोई अंग हिलाना बेहद कठिन हो जाता है
यह समस्या उन लोगों में ज़्यादा देखी जाती है जो नार्कोलेप्सी (नींद से जुड़ी गंभीर समस्या) से पीड़ित होते हैं।
हालांकि, सामान्य व्यक्तियों को भी कभी-कभार इसका अनुभव हो सकता है।
क्या स्लीप पैरालिसिस जानलेवा है?
डॉक्टर्स के मुताबिक स्लीप पैरालिसिस डरावना जरूर है, लेकिन यह जानलेवा नहीं है। यह किसी बड़ी बीमारी का सीधा संकेत भी नहीं होता।
बल्कि यह नींद के पैटर्न में गड़बड़ी और दिमाग-शरीर के असंतुलन के कारण होता है।
अधिकतर मामलों में यह कुछ सेकंड्स या मिनट्स में खुद ही ठीक हो जाता है। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना ज़रूरी है।
इससे बचाव कैसे करें?
- समय पर सोने और उठने की आदत डालें
- नींद पूरी लें (कम से कम 7–8 घंटे)
- तनाव और कैफीन से बचें
- सोने से पहले मोबाइल या स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें
इस तरह नींद का पैटर्न संतुलित रखने से स्लीप पैरालिसिस की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है।









