नई दिल्ली, 29 नवंबर 2025 : रिटायरमेंट की प्लानिंग करते वक्त सबसे बड़ी टेंशन होती है – पैसा कहाँ लगाएं कि सुरक्षित भी रहे और हर महीने कुछ न कुछ आता रहे। इसी जरूरत को देखते हुए भारत सरकार ने सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) शुरू की थी, जो आज देश भर के लाखों रिटायर्ड लोगों की पहली पसंद बन चुकी है।
क्यों ये स्कीम बैंक की FD से कहीं बेहतर है?
इस स्कीम में जो ब्याज मिलता है, वो ज्यादातर बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट से काफी ज्यादा है। अभी ब्याज दर 8.2% सालाना है और सबसे खास बात – ये ब्याज हर तिमाही (हर 3 महीने) आपके खाते में सीधे जमा हो जाता है। यानी हर 3 महीने बाद आपके खाते में मोटी रकम आती है, जिससे महीने भर का खर्च आसानी से निकल जाता है।
कौन लगा सकता है पैसा?
- उम्र 60 साल या उससे ज्यादा हो
- VRS लेने वाले या रिटायरमेंट ले चुके लोग भी कुछ शर्तों के साथ निवेश कर सकते हैं
न्यूनतम निवेश: सिर्फ ₹1,000
अधिकतम निवेश: ₹30 लाख (पहले ये लिमिट कम थी, अब बढ़ा दी गई है ताकि रिटायरमेंट में मिली बड़ी रकम सुरक्षित लगाई जा सके)
5 साल की स्कीम, फिर भी 8 साल तक चला सकते हो
स्कीम की मूल अवधि 5 साल है, लेकिन आप इसे एक बार और 3 साल के लिए बढ़ा सकते हैं। यानी कुल 8 साल तक आपको 8.2% का शानदार ब्याज मिलता रहेगा।
टैक्स में भी मिल रही है बड़ी छूट
इसमें किया गया निवेश सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट के लिए योग्य है। हाँ, ब्याज पर टैक्स लगता है, लेकिन अगर सालाना ब्याज 50,000 रुपये से कम है तो TDS भी नहीं कटता – ये छोटी-छोटी बातें बुजुर्गों को बहुत राहत देती हैं।
सबसे बड़ी सिक्योरिटी – सरकार की गारंटी
ये स्कीम भारत सरकार की है, इसलिए इसमें एक रुपया भी डूबने का कोई चांस नहीं। देश भर के पोस्ट ऑफिस और ज्यादातर बैंक में आसानी से अकाउंट खुल जाता है।
रिटायरमेंट के बाद अगर आप भी चाहते हैं कि बिना किसी टेंशन के आराम की जिंदगी जिएं, हर महीने खर्च के लिए पैसा अपने आप आता रहे, तो सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। अभी जाइए अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक और आज ही अकाउंट खोल लीजिए – वरना बाद में पछताएंगे।









