---Advertisement---

Ankita Bhandari Case : वायरल ऑडियो की जांच करेगी SIT, CM Dhami बोले- सबूत मिले तो कोई नहीं बचेगा

---Advertisement---

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। उन्होंने साफ कहा कि तथ्यों के आधार पर अगर किसी का भी नाम साबित होता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन बेटी के नाम पर राजनीति बर्दाश्त नहीं

Ankita Bhandari Case : अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर मचे ताजा सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को बेहद कड़ा रुख अपनाया।

Uttarakhand में 175 करोड़ से बन रही देश की 5वीं साइंस सिटी, CM Dhami ने दी जानकारी

देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम ने वायरल ऑडियो मामले में सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि जांच में तथ्यों के आधार पर यदि किसी भी व्यक्ति का नाम सामने आता है और आरोप साबित होते हैं, तो वह चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि बेटी अंकिता के न्याय के लिए उसके माता-पिता की इच्छा ही सरकार के लिए सर्वोपरि है।

ऑडियो की जांच के लिए एसआईटी गठित

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि हाल ही में सामने आए ऑडियो क्लिप को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसकी सत्यता परखने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है जो गहनता से हर पहलू की जांच कर रहा है।

सीएम ने ऑडियो में मौजूद विरोधाभासों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इसमें कहीं हत्या की बात हो रही है तो कहीं आत्महत्या का जिक्र है, जो संदेह पैदा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम ऑडियो में लिए जा रहे हैं, पुलिस उन्हें तलाश रही है, लेकिन वे फरार चल रहे हैं।

‘षड्यंत्र’ और विपक्ष पर निशाना

सीएम धामी ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सुनियोजित ‘षड्यंत्र’ जैसा बताया। उन्होंने कहा कि पहले ऑडियो जारी होना और फिर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करना एक पैटर्न की ओर इशारा करता है।

Dehradun Crime : 19 साल के लड़कों ने नशे के लिए की चोरी, 5 लाख का माल बरामद

मुख्यमंत्री ने इसकी तुलना पुराने पेपर लीक प्रकरण से करते हुए कहा कि तब भी ऑडियो के जरिए माहौल खराब करने और सीबीआई जांच की मांग का खेल चला था, लेकिन सरकार ने तथ्यों के आधार पर सब साफ कर दिया। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि बेटी के नाम पर राजनीति करने की कोशिश न की जाए। यह ‘फैब्रिकेटेड’ माहौल ज्यादा दिन नहीं टिकेगा।

प्रभारी की मौजूदगी पर स्थिति साफ

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा प्रभारी का नाम उछालने जाने पर मुख्यमंत्री ने तथ्यात्मक जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस अवधि (10 से 20 तारीख) की बात हो रही है, उस दौरान संबंधित प्रभारी उत्तराखंड आए ही नहीं थे।

सीएम ने सवाल उठाया कि जब वे यहाँ थे ही नहीं, तो उनका नाम क्यों लिया गया, इसका जवाब ऑडियो में बात करने वाले ही दे सकते हैं।

न्याय की प्रतिबद्धता और पिछली कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि अंकिता हत्याकांड सामने आते ही उनकी सरकार ने बिना देरी किए पुलिस और प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

महिला आईपीएस की अगुवाई में एसआईटी ने जांच की, गवाहों के बयान लिए और मजबूत पैरवी के कारण ही तीनों मुख्य आरोपियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। उन्होंने अंत में दोहराया कि सरकार पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता से काम कर रही है और हर हाल में सच्चाई सामने लाई जाएगी।

Madhu Nautiyal Viral Video : जिसे आप भाजपा नेता समझ रहे थे, पार्टी ने उसे पहचानने से ही कर दिया मना

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment