उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली दौरे ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। आधिकारिक तौर पर यह दौरा भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के लिए है, लेकिन विधायकों की सीएम से मुलाकात के बाद राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
देहरादून : उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट महसूस की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत प्रदेश भाजपा के तमाम बड़े नेताओं ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है।
हालांकि, पार्टी इसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नितिन नबीन की ताजपोशी और चयन प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है, लेकिन अंदरखाने मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं को भी नई हवा मिल गई है।
मुलाकातों से बढ़ा सियासी पारा
दिल्ली रवानगी से ठीक पहले मुख्यमंत्री धामी से हुई कुछ विधायकों की मुलाकातों ने इन कयासों को बल दिया है। सोमवार को रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सल्ट विधायक महेश जीना और पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने सीएम से अलग-अलग मुलाकात की।
मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों के आते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई। इसे महज शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन टाइमिंग को लेकर सवाल और उम्मीदें दोनों कायम हैं।
खाली हैं मंत्रियों की पांच कुर्सियां
सूत्रों के मुताबिक, अगस्त से ही मंत्रिमंडल विस्तार की फाइल अटकी हुई है। नियमानुसार राज्य कैबिनेट में मुख्यमंत्री के अलावा अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं। वर्तमान समीकरण को देखें तो पांच पद खाली चल रहे हैं।
इनमें से तीन पद 2022 में सरकार गठन के समय से ही रिक्त थे। बाद में कैबिनेट मंत्री चंदनराम दास के निधन और प्रेमचंद्र अग्रवाल के इस्तीफे (स्रोत अनुसार) के चलते रिक्त पदों का आंकड़ा पांच तक पहुंच गया है। माना जा रहा है कि दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री इस मसले पर शीर्ष नेतृत्व से अंतिम चर्चा कर सकते हैं।
दिल्ली में दिग्गजों का जमावड़ा
फिलहाल भाजपा का पूरा फोकस राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन पर है। इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सीएम धामी के साथ प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और अजय भट्ट भी दिल्ली पहुंचे हैं। इनके अलावा विधायक बंशीधर भगत, मदन कौशिक, बिशन सिंह चुफाल और पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक व तीरथ सिंह रावत भी वहां मौजूद हैं।
क्या बोले पार्टी प्रवक्ता?
राजपुर विधायक और भाजपा प्रवक्ता खजानदास ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अभी सभी नेताओं का ध्यान राष्ट्रीय अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया पर है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार पूरी तरह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। जब भी उन्हें उचित लगेगा, वे शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर फैसला लेंगे। खजानदास ने दावा किया कि धामी सरकार जनसेवा में जुटी है और प्रदेश में जीत की हैट्रिक लगाकर इतिहास रचेगी।









