उत्तराखंड के विकासनगर में सामान खरीदने गए दो कश्मीरी व्यापारियों पर हमले के बाद हड़कंप मच गया है। गंभीर रूप से घायल युवकों के समर्थन में मुस्लिम समुदाय ने पुलिस चौकी का घेराव कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आरोपी दुकानदार को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
Vikasnagar : देहरादून जिले के विकासनगर में बुधवार शाम उस समय तनाव फैल गया जब कश्मीर के करलपुर निवासी दो व्यापारियों, दानिश और ताविश पर बेरहमी से हमला किया गया।
दोनों युवक इलाके में कंबल और सूट बेचने का काम कर रहे थे। घटना उस समय हुई जब वे डाकपत्थर रोड स्थित एक जनरल स्टोर पर कुछ सामान लेने गए थे।
पीड़ित दानिश के अनुसार, दुकान मालिक के साथ मामूली बात पर विवाद हुआ जो देखते ही देखते हिंसक मारपीट में बदल गया। हमले में घायल युवकों के शरीर पर चोटों के गहरे निशान हैं और एक युवक का बायां हाथ टूट गया है।
पुलिस चौकी का घेराव और प्रदर्शन
घटना की जानकारी मिलते ही विकासनगर बाजार में स्थानीय मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने घायल युवकों को गोद में उठाकर पुलिस चौकी का घेराव किया और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पहचान पूछने के बाद धर्म के आधार पर युवकों को निशाना बनाया गया है।
विकासनगर कोतवाली के एसएसआई शिशुपाल राणा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
नफरत के खिलाफ उठने लगी मांग
इस हमले के बाद जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता नासिर खुएहामी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि लोहे की रॉड से किए गए हमले के कारण युवक की हालत गंभीर है और उसे दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
खुएहामी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की है कि हिंसा और नफरत फैलाने वाले तत्वों पर ऐसी कार्रवाई हो जो मिसाल बने।
गौरतलब है कि कश्मीरी व्यापारी हर साल सर्दियों में (नवंबर से मार्च) उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में व्यापार के लिए आते हैं। घायल युवकों के रिश्तेदारों ने बताया कि वे साल 2008 से यहां आ रहे हैं, लेकिन ऐसी हिंसक घटना पहले कभी नहीं देखी गई।









