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कुमारी शैलजा का बड़ा दावा, अविश्वास के कारण बीजेपी छोड़ कांग्रेस की ओर बढ़ रहे नेता

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नई दिल्ली। उत्तराखंड की सियासत में आज एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब भारतीय जनता पार्टी के खेमे में बड़ी सेंधमारी करते हुए कांग्रेस ने 6 कद्दावर नेताओं को अपने पाले में कर लिया। देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इन नेताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की, जिसमें तीन पूर्व विधायक, एक पूर्व महापौर और एक पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जैसे रसूखदार नाम शामिल हैं।

कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने इस जॉइनिंग को प्रदेश की राजनीति के लिए एक निर्णायक मोड़ करार दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर हमला बोलते हुए कहा कि हालिया कैबिनेट विस्तार कोई विकास की रणनीति नहीं, बल्कि दलबदल का डर था।

शैलजा के मुताबिक, बीजेपी आलाकमान को इस बात की भनक लग गई थी कि उनके कई विधायक और नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं। इसी बगावत को रोकने और कुनबे को बिखरने से बचाने के लिए धामी सरकार को मजबूरी में आनन-फानन में मंत्रियों की फौज बढ़ानी पड़ी।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कुमारी शैलजा ने कहा कि देवभूमि में आज हालात बदतर हो चुके हैं और जनता का भाजपा सरकार से पूरी तरह मोहभंग हो गया है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों ने लोगों के मन में भारी आक्रोश भर दिया है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड में पिछले कुछ समय से अंकिता भंडारी केस जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार आक्रामक है, जिसे अब चुनावी जमीन तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि आज की कांग्रेस ‘बदली हुई’ और अधिक ‘मजबूत’ है, जो सड़क से लेकर सदन तक जनता की लड़ाई लड़ रही है।

सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में कुछ और सिटिंग विधायकों के पाला बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुमारी शैलजा ने आत्मविश्वास के साथ दोहराया कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव पूरे दमखम के साथ लड़ेगी और भाजपा फिलहाल बैकफुट पर है।

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