देहरादून, 31 मार्च 2026 (द ऑनलाइन पोस्ट)। उत्तराखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बुरी खबर है। अगले महीने जब आपके हाथ में बिजली का बिल आएगा, तो वह पहले से भारी होगा। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPCA) के मद में उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह वसूली 11 पैसे से लेकर 47 पैसे प्रति यूनिट तक की जाएगी।
यूपीसीएल प्रबंधन ने साफ किया है कि पिछले महीने बाजार से जो बिजली खरीदी गई, उसकी कीमतें नियामक आयोग द्वारा तय की गई दरों से काफी ज्यादा थीं। नियमों के मुताबिक, जब भी निगम को महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है, उसका सीधा बोझ सरचार्ज के रूप में उपभोक्ताओं की जेब पर डाला जाता है। हालांकि, राहत की बात सिर्फ इतनी है कि यह आदेश फिलहाल इसी महीने के बिलों के लिए प्रभावी होगा।
बिजली की दरों में यह उतार-चढ़ाव कोई नई बात नहीं है। दरअसल, पूरे देश में ऊर्जा निगमों के लिए यह प्रोटोकॉल लागू है कि यदि बाजार से बिजली सस्ती मिले तो उपभोक्ताओं को छूट दी जाए और महंगी मिले तो वसूली की जाए। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 12 महीनों में से करीब 7 बार यूपीसीएल ने उपभोक्ताओं को राहत भी दी है। लेकिन वर्तमान में मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर के कारण बाजार में बिजली के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक तरफ जहां यूपीसीएल ने यह अस्थायी सरचार्ज लगाया है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यूपीसीएल के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है जिसमें टैरिफ में 17 से 40 फीसदी की भारी बढ़ोतरी की मांग की गई थी। आयोग ने वर्तमान दरों को स्थिर रखने का निर्देश दिया है, लेकिन FPPCA जैसे मासिक समायोजन इस ‘स्टेटस को’ से बाहर रहते हैं, जिससे उपभोक्ताओं के मासिक बिलों में अस्थिरता बनी रहती है।
विभिन्न श्रेणियों के लिए नई दरें इस प्रकार तय की गई हैं:
| उपभोक्ता श्रेणी | प्रति यूनिट अतिरिक्त भार (पैसे में) |
| घरेलू उपभोक्ता | 11 से 31 पैसे |
| अघरेलू (कमर्शियल) | 44 पैसे |
| सरकारी पब्लिक यूटिलिटी | 41 पैसे |
| प्राइवेट ट्यूबवेल | 13 पैसे |
| कृषि गतिविधियां | 19 से 22 पैसे |
| एलटी-एचटी इंडस्ट्री | 40 पैसे |
| मिक्स लोड | 38 पैसे |
| रेलवे ट्रैक्शन | 38 पैसे |
| ईवी चार्जिंग स्टेशन | 38 पैसे |
| अस्थायी आपूर्ति (निर्माण कार्य) | 47 पैसे |
निगम के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर बिजली की उपलब्धता बढ़ती है और बाजार में कीमतें गिरती हैं, तो उपभोक्ताओं को अगले बिलिंग चक्र में इसका लाभ भी मिल सकता है। फिलहाल, अप्रैल के बिल में यह सरचार्ज जुड़कर आना तय है।









