देहरादून, 07 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन के आला अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी है कि जनसमस्याओं के समाधान और विकास कार्यों में किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने पांच महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों—थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग की घोषणाओं की प्रगति जांची। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही से प्रोजेक्ट लटकता है, तो उसकी जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री का सबसे ज्यादा जोर स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर रहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि दूरस्थ इलाकों में बीमारों और घायलों को तत्काल राहत देने के लिए हेली-एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
राज्य सरकार ने इस साल के बजट में नागरिक उड्डयन और कनेक्टिविटी के लिए करीब ₹52.5 करोड़ का प्रावधान किया है, जिसका बड़ा हिस्सा एयर-एंबुलेंस और पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई सेवाओं को सुदृढ़ करने पर खर्च होना है।
बैठक में 19 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को लेकर भी रणनीति बनाई गई। गौरतलब है कि अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं, जो पिछले सालों के मुकाबले एक बड़ा आंकड़ा है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़कों की मरम्मत और होटल एसोसिएशन की समस्याओं का समाधान यात्रा शुरू होने से पहले कर लिया जाए। होटल संचालकों द्वारा उठाए गए कमर्शियल सिलेंडरों के मुद्दे पर भी उन्होंने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और नियमित बैठकें करने की बात कही।
मानसून की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए सीएम ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वर्षाकाल से पहले सभी बाढ़ नियंत्रण कार्य पूरे किए जाएं। हाल ही में देहरादून प्रशासन ने 28 संवेदनशील स्थानों पर नदियों के चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग कार्यों को मंजूरी दी है, जिसे पूरे प्रदेश में मॉडल के तौर पर लागू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के स्तर पर लंबित मामलों की अलग से फाइल तैयार करने को कहा ताकि विकास के काम पर्यावरण नियमों के बीच न फंसें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी के साथ संबंधित क्षेत्रों के विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, आशा नौटियाल और विनोद कंडारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित सभी प्रमुख सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि विधायकों द्वारा उठाए गए स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए।









