देहरादून, 07 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी के हृदय स्थल राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स और डिस्पेंसरी रोड की सूरत बदलने की कवायद तेज हो गई है। नगर निगम देहरादून ने इन व्यस्त इलाकों में पसरी अव्यवस्था को खत्म करने के लिए ‘स्मार्ट पार्किंग’ और व्यवस्थित ‘वेंडर जोन’ बनाने का फैसला लिया है।
आज हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यापारियों ने नगर निगम के इस कदम को ऐतिहासिक और जरूरी बताया। दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं भारत सरकार के राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (NTWB) के सदस्य पंकज मैंसन के नेतृत्व में व्यापारियों ने मेयर को पत्र सौंपकर मांग उठाई थी।
सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहन और ठेलियों के कारण बाजारों की आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। स्मार्ट पार्किंग बनने से न केवल निगम का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि दूर-दराज से आने वाले ग्राहकों को भी जाम के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
कॉम्प्लेक्स के प्रधान केवल कुमार ने सीधे तौर पर एक व्यक्ति पर आरोप लगाया कि वह अपनी राजनीति चमकाने के लिए बाजार की व्यवस्था बिगाड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उक्त व्यक्ति की अपनी दुकान वहां नहीं है, फिर भी वह ठेलियों को संरक्षण देकर उन्हें सड़कों पर लगवाता है।
यह तथाकथित नेता वेंडर्स को गुमराह कर रहा है ताकि वे स्थाई जोन में शिफ्ट न हों और बाजारों में अराजकता बनी रहे। सचिव जसपाल छाबड़ा ने साफ किया कि कॉम्प्लेक्स के पीछे ठेलियों के लिए पर्याप्त जगह चिन्हित कर ली गई है ताकि किसी की आजीविका न छीनी जाए।
छाबड़ा ने आगे कहा कि “स्वघोषित व्यापारी नेता” राष्ट्रीय पार्टी के नाम का दुरुपयोग कर रहा है। भोली-भाली ठेलियों वालों को ढाल बनाकर यह शख्स केवल अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डिस्पेंसरी रोड के प्रधान अशोक अग्रवाल ने भी तीखे स्वर में कहा कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं को भी इस मामले में गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विकास कार्यों में अड़चन डाली गई, तो व्यापारी समुदाय इसका पुरजोर विरोध करेगा।
व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम द्वारा किया गया स्थलीय निरीक्षण एक सकारात्मक शुरुआत है। इससे यह साफ हो गया है कि प्रशासन अब शहर के ट्रैफिक और अतिक्रमण की समस्या को लेकर गंभीर है और जल्द ही धरातल पर बदलाव नजर आएगा।









