देहरादून, 08 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने ऐसी करवट ली है कि अप्रैल के चिलचिलाते सूरज की जगह अब हाड़ कंपाने वाली ठंड ने ले ली है। राज्य के सभी 13 जिलों में मंगलवार शाम से शुरू हुआ बारिश और बर्फबारी का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा, जिससे पूरा प्रदेश एक बार फिर शीत लहर की चपेट में आ गया है।
मैदानी इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने लोगों को वापस गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की अचानक गिरावट दर्ज की गई है। ऊंचाई वाले स्थानों पर रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी ने फिजाओं में वैसी ही ठिठुरन भर दी है, जैसी आमतौर पर दिसंबर या जनवरी के चरम सर्दियों में देखी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव उत्तर-पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि केदारनाथ धाम में इस समय 3 से 4 फीट तक ताजा बर्फ जम चुकी है। इससे 22 अप्रैल 2026 को होने वाले कपाट उद्घाटन की तैयारियों में जुटे मजदूरों और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पैदल मार्गों से बर्फ हटाने का काम जो अंतिम चरण में था, वह इस ताजा हिमपात के कारण फिर से शून्य पर पहुंच गया है।
रुद्रप्रयाग के हेमकुंड साहिब और केदारनाथ के साथ-साथ चमोली के बद्रीनाथ धाम में भी सफेद चादर बिछ गई है। पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, गुरुवार को भी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।
हालांकि, राहत की बात यह है कि 10 अप्रैल से मौसम के मिजाज में धीरे-धीरे सुधार आने की उम्मीद है। विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे ठंड से राहत मिलेगी। शुक्रवार को उत्तरकाशी और चमोली जैसे सीमांत जिलों के 3700 मीटर से ऊंचे क्षेत्रों में ही हिमपात सीमित रहने की संभावना है, जबकि मैदानी जिलों में मौसम शुष्क होने लगेगा।









