देहरादून, 08 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुदरत का मिजाज इस बार श्रद्धालुओं की परीक्षा लेने वाला है, क्योंकि चारधाम यात्रा शुरू होने से ठीक पहले केदारनाथ और बदरीनाथ समेत तमाम धाम बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। 19 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा का श्रीगणेश होना है, लेकिन मौसम विभाग की बेरुखी और लगातार गिरते पारे ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ पैदल मार्ग पर गुप्तकाशी लोक निर्माण विभाग की टीमें दिन-रात बर्फ हटाने के मिशन में जुटी हैं, लेकिन हर गुजरते घंटे के साथ हो रहा हिमपात तैयारियों पर पानी फेर रहा है। जोशीमठ से लेकर बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और स्वर्गारोहिणी तक पिछले 15 दिनों से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है।
दिलचस्प और चिंताजनक तथ्य यह है कि इस साल का मौसम ठीक 2012 की याद दिला रहा है, जब अप्रैल के शुरुआती पखवाड़े में बर्फ पिघलने के बजाय लगातार बारिश और हिमपात का सिलसिला जारी रहा था।
मैदानी इलाकों जैसे दिल्ली और उत्तर प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मौसम जानलेवा साबित हो सकता है। केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में वर्तमान में तापमान शून्य से नीचे (माइनस) बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक ठंडे मौसम के संपर्क में आने से हाइपोथर्मिया और ऑक्सीजन की कमी का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो श्रद्धालु पहले से किसी बीमारी से ग्रसित हैं या बुजुर्ग हैं, वे मेडिकल चेकअप के बिना पहाड़ों की चढ़ाई न चढ़ें।
पंजीकरण के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक कुल 12,71,088 श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या बाबा केदार के भक्तों की है। केदारनाथ धाम के लिए 4,29,675, बदरीनाथ के लिए 3,75,352, गंगोत्री के लिए 2,31,315 और यमुनोत्री के लिए 2,25,238 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं, सिख तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के लिए अब तक 9,508 श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं।
हेलीकॉप्टर सेवाओं को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। तीर्थयात्रियों को केवल heliyatra.irctc.co.in के माध्यम से ही टिकट बुक करने की हिदायत दी गई है। बाजार में सक्रिय फर्जी वेबसाइट्स और बिचौलियों से बचने के लिए पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत व्यक्तियों से टिकट लेना जोखिम भरा हो सकता है।
किसी भी सहायता के लिए पर्यटन विकास परिषद ने टोल फ्री नंबर 01353520100 और हेल्पलाइन नंबर 01352559898, 01352552627 जारी किए हैं, जो 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे।
यात्रियों के लिए कुछ अनिवार्य नियम भी तय किए गए हैं। यात्रा के दौरान पर्याप्त ऊनी कपड़े, रेनकोट और छतरी साथ रखना अनिवार्य है। पहाड़ों पर ड्राइविंग के दौरान रफ्तार पर नियंत्रण रखने और केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर रुक-रुक कर आगे बढ़ने की सलाह दी गई है ताकि शरीर ऊँचाई और ठंड के साथ तालमेल बिठा सके।









