देहरादून, 09 अप्रैल (दून हॉराइज़न)। राजधानी के थाना बसंत विहार इलाके में आने वाले गोविंदगढ़ क्षेत्र में एक विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। राजीव कॉलोनी की रहने वाली 40 वर्षीय सपना पत्नी विजय ने इस आत्मघाती कदम को उठाने से पहले एक मार्मिक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं।
देहरादून: बुधवार दोपहर कैंट क्षेत्र के एक निजी अस्पताल से मिली सूचना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को बताया कि एक महिला को मृत अवस्था में लाया गया है। सूचना मिलते ही बसंत विहार थाना पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर पड़ताल शुरू की। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि मृतका सपना पिछले 15 सालों से अपने परिवार के साथ गोविंदगढ़ में रह रही थी।
घर के भीतर का मंजर रूह कंपा देने वाला था। दोपहर के वक्त जब सपना काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं आई, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। बार-बार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने पर भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो परिवार वालों ने अनहोनी की आशंका में दरवाजा तोड़ दिया। कमरे के भीतर सपना फंदे से लटकी हुई मिली। परिजनों ने तुरंत फंदा काटकर उसे नीचे उतारा और अस्पताल भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ एक सुसाइड नोट लगा है, जिसकी इबारत ने जांच की दिशा बदल दी है। सपना ने अपने आखिरी खत में लिखा, “मैंने गलत किया, इसलिए खुद को सजा दे रही हूं। मेरे पति मुझे माफ कर देना…”। ये चंद शब्द इशारा कर रहे हैं कि सपना किसी गहरे मानसिक द्वंद्व या ग्लानि से गुजर रही थी। हालांकि, उसने यह साफ नहीं किया कि वह ‘गलती’ क्या थी, जिसके बदले उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा।
बसंत विहार थानाध्यक्ष अशोक राठौर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि पिछले 15 सालों से खुशहाल दिख रहे परिवार में अचानक ऐसा क्या हुआ कि सपना को यह कदम उठाना पड़ा। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के सटीक समय और कारणों का पता चल सके।









