मसूरी, 09 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटन के दबाव को कम करने और प्रकृति के करीब एक नया अनुभव देने के लिए हुसैनगंज क्षेत्र में करीब 15.5 एकड़ भूमि पर हाईटेक ईको पार्क (Mussoorie Eco Park) के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के बाद मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू करने जा रहा है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रोजेक्ट केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं बल्कि पर्यावरण और आधुनिकता का एक बेजोड़ मेल होगा। पहाड़ों पर बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप और असंतुलन को देखते हुए इस पार्क को पूरी तरह से ‘इको-फ्रेंडली टूरिज्म मॉडल’ के आधार पर डिजाइन किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे माल रोड और मुख्य मसूरी शहर पर पर्यटकों का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा।
हुसैनगंज का यह इलाका अपनी प्राकृतिक ढलानों और हरियाली के लिए जाना जाता है, जिसे बिना किसी बड़े छेड़छाड़ के विकसित किया जाएगा। परियोजना की रूपरेखा इस तरह खींची गई है कि निर्माण कार्य के दौरान एक भी पेड़ को नुकसान न पहुंचे। इसमें एडवेंचर स्पोर्ट्स के साथ-साथ मेडिटेशन जोन और प्रकृति प्रेमियों के लिए खास वॉकिंग ट्रेल्स भी विकसित किए जाएंगे।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया के मुताबिक, इस पार्क का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय अर्थव्यवस्था को होगा। होटल व्यवसाय से लेकर गाइड, ट्रांसपोर्ट और छोटे दुकानदारों तक, यह पार्क प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों परिवारों के लिए रोजगार की नई राहें खोलेगा। मसूरी को अब तक केवल ‘क्लासिक टूरिज्म’ के लिए जाना जाता था, लेकिन यह प्रोजेक्ट इसे ‘सस्टेनेबल डेस्टिनेशन’ की वैश्विक श्रेणी में खड़ा कर देगा।
मुख्यमंत्री धामी ने इस संबंध में अधिकारियों को हिदायत दी है कि निर्माण की गुणवत्ता और समय सीमा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ ही महीनों में धरातल पर काम शुरू हो जाए ताकि अगले पर्यटन सीजन तक पर्यटक इस नई सौगात का आनंद उठा सकें।









