देहरादून, 10 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जनपद की विधानसभाओं से जुड़ी घोषणाओं की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नौकरशाही को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जनहित के कार्यों और विधायकों द्वारा उठाई गई समस्याओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें ताकि विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति दोनों बनी रहे।
विभागीय समन्वय और मुख्य सचिव की भूमिका
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पाया कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं अंतर-विभागीय तालमेल की कमी के कारण लंबित हैं। इसे देखते हुए उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं में एक से अधिक विभागों की सहभागिता है, उनकी वे स्वयं नियमित समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे कार्यों (अल्पकालिक) को तत्काल पूरा किया जाए, जबकि बड़ी परियोजनाओं (दीर्घकालिक) को निर्धारित समय सीमा के भीतर चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए।
मानसून की तैयारी और आपदा प्रबंधन
आगामी वर्षाकाल की चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्री-मानसून तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी नालों की सफाई और सिल्ट हटाने का काम पूरा हो जाना चाहिए ताकि जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से बचा जा सके। इसके साथ ही, गर्मियों के मौसम में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को आपसी तालमेल और जन-जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है।
बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
पेयजल और बिजली की आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान जनता को कोई असुविधा न हो। उन्होंने बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए। बैठक में उपस्थित विधायकों ने अपने क्षेत्रों में सड़क मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं, मिनी खेल मैदानों के निर्माण और फसलों को जंगली जानवरों से बचाने जैसे गंभीर मुद्दे उठाए, जिस पर मुख्यमंत्री ने समयबद्ध निस्तारण का भरोसा दिया।
उपस्थिति
बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा सहित विधायक बंशीधर भगत, राम सिंह कैड़ा, दीवान सिंह बिष्ट, त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोड़ा, सरिता आर्य और डॉ. मोहन सिंह बिष्ट मौजूद रहे। प्रशासनिक स्तर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम और वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत व संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।









