देहरादून, 11 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun Nagar Nigam : नगर निगम देहरादून ने शहरवासियों को हाउस टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत देते हुए विशेष छूट योजना लागू की है। नए प्रावधानों के तहत यदि करदाता 30 अप्रैल तक अपना गृह कर (House Tax) जमा करते हैं, तो उन्हें निर्धारित छूट के अलावा 5 प्रतिशत की अतिरिक्त राहत दी जाएगी। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय पर भुगतान न करने वाले डिफ़ॉल्टर्स पर 12 प्रतिशत की दर से आर्थिक दंड (पेनल्टी) लगाया जाएगा।
ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान की सुविधा
देहरादून नगर निगम ने टैक्स कलेक्शन की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से अपग्रेड कर दिया है। अब नागरिक नगर निगम के पोर्टल पर जाकर घर बैठे ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसके साथ ही, उन लोगों के लिए जो डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं करना चाहते, निगम के काउंटरों पर ऑफलाइन भुगतान की सुविधा भी सुचारू रूप से जारी रहेगी। मेयर सौरभ थपलियाल के अनुसार, इस दोहरी व्यवस्था का उद्देश्य बुजुर्गों और तकनीकी रूप से कम दक्ष नागरिकों को सुविधा प्रदान करना है।
छूट का गणित और पेनल्टी का डर
निगम की नीति के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत की छूट का प्रावधान था। अब प्रशासन ने इसे बढ़ाते हुए 30 अप्रैल तक भुगतान करने वालों के लिए 5 प्रतिशत की एक्स्ट्रा रिवॉर्ड स्कीम जोड़ी है। इसका सबसे बड़ा लाभ उन बड़े प्रॉपर्टी मालिकों को होगा जिनका टैक्स बिल लाखों में आता है; वे समय पर भुगतान कर हजारों रुपये की बचत कर सकते हैं। इसके उलट, डेडलाइन चूकने पर न केवल छूट हाथ से जाएगी, बल्कि 12% जुर्माना और संपत्ति सीलिंग जैसी कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।
राजस्व में रिकॉर्ड बढ़त और विकास का लक्ष्य
मेयर सौरभ थपलियाल ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देहरादून में कर भुगतान को लेकर जागरूकता बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021-22 में जहाँ निगम को 33 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 60 करोड़ 72 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वर्तमान में शहर में लगभग 1.18 लाख पंजीकृत करदाता हैं, जिनकी संख्या नई टैक्स सूची के बाद और बढ़ने की उम्मीद है।
निगम की सख्ती, बकायेदारों पर होगी कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने उन लोगों को चेतावनी दी है जो लंबे समय से टैक्स की चोरी कर रहे हैं या भुगतान में टालमटोल कर रहे हैं। ऐसे संपत्तियों को चिह्नित किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निगम का तर्क है कि सड़क, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसे बुनियादी ढांचों के लिए मजबूत वित्तीय आधार जरूरी है, जो सीधे तौर पर हाउस टैक्स के संग्रहण पर निर्भर करता है।









