देहरादून, 13 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)
Chardham Yatra 2026 : उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को लेकर बड़ी अपडेट आई है। केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा की ऑनलाइन बुकिंग की तिथि में तकनीकी कारणों से बदलाव किया गया है। अब श्रद्धालु 15 अप्रैल की शाम 6 बजे से टिकट बुक कर सकेंगे। इससे पहले नागरिक उड्डयन विभाग ने 11 अप्रैल की तारीख तय की थी।
90% टिकटों की होगी ऑनलाइन बुकिंग
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के सीईओ आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि हेली सेवा के पहले चरण में 22 अप्रैल से 15 जून तक के लिए टिकटों की बुकिंग की जाएगी। इस बार व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए कुल टिकटों का 90 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन रखा गया है, जबकि केवल 10 प्रतिशत टिकट ही ऑफलाइन उपलब्ध होंगे। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in का ही उपयोग करें ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके।
मानसून की चुनौती और सहायक मार्गों की तैयारी
चारधाम यात्रा का एक बड़ा हिस्सा मानसून के दौरान पड़ता है, जिसमें भूस्खलन के कारण मुख्य राजमार्ग अक्सर बंद हो जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग ने उन सहायक मार्गों को सक्रिय करने का निर्णय लिया है, जिन्होंने 2013 की केदारनाथ आपदा के समय जीवनरेखा का काम किया था।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन वैकल्पिक सड़कों को ऑल वेदर रोड की तर्ज पर विकसित किया जाए। ये मार्ग न केवल जाम से मुक्ति दिलाएंगे, बल्कि मुख्य मार्ग बाधित होने पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही सुनिश्चित करेंगे।
चारधाम यात्रा: वैकल्पिक मार्गों की सूची
| सेक्टर | वैकल्पिक सड़क मार्ग |
| ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग | ऋषिकेश-खाड़ी-गजा-देवप्रयाग / ऋषिकेश-चंबा-मलेथा मार्ग |
| श्रीनगर-रुद्रप्रयाग | श्रीनगर-खिरसू-खांखरा मार्ग / डूंगरीपंत-तीखाल-खांखरा मार्ग |
| उत्तरकाशी से बदरी-केदार | उत्तरकाशी-लम्बगांव-घनसाली-तिलवाड़ा मोटर मार्ग |
| रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड | विजयनगर-पठालीधार-बसुकेदार / बांसवाड़ा-बस्ती-बसुकेदार मार्ग |
| यमुनोत्री सेक्टर | दून-मसूरी-सुवाखोली-चंबा / हरबर्टपुर-बड़कोट बैंड मार्ग |
मंत्री महाराज के अनुसार, इनमें से अधिकांश सड़कों को तैयार कर लिया गया है और शेष कार्यों को यात्रा शुरू होने से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। ये मार्ग उन यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं जो भीड़भाड़ वाले मुख्य रूट के बजाय पहाड़ों के ग्रामीण सौंदर्य का अनुभव करना चाहते हैं।









