पिथौरागढ़/देहरादून, 16 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)
Uttarakhand Cyber Fraud : पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट में साइबर ठगों ने एक गर्भवती महिला को अपना शिकार बनाकर उसके बैंक खाते से 35,000 रुपये साफ कर दिए। ठगों ने खुद को देहरादून के ‘डिजी हेल्थ विभाग’ का कर्मचारी बताया और महिला को आंगनबाड़ी से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा दिया। इसी बहाने शातिरों ने महिला की बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली और कुछ ही देर में खाते से पैसे उड़ा लिए।
पुलिस की तत्परता से रुकी निकासी
घटना की सूचना मिलते ही गंगोलीहाट कोतवाली पुलिस और साइबर सेल सक्रिय हो गई। जांच अधिकारी एसएसआई बीसी मासीवाल ने बताया कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण महिला के खाते को तुरंत होल्ड कर दिया गया है, जिससे ठग राशि को निकाल नहीं सके। पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर रही है जिनसे कॉल किए गए थे। इस बीच, गंगोलीहाट स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
रिटायर्ड ONGC अधिकारी से 1.87 करोड़ की ठगी
वहीं, साइबर अपराध का एक और बड़ा मामला राजधानी देहरादून में सामने आया है। यहां ओएनजीसी (ONGC) के एक रिटायर्ड अधिकारी को शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर ठगों ने 1 करोड़ 87 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित को एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए फर्जी निवेश योजना से जोड़ा गया था। ठगी का अहसास होने पर अधिकारी ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सावधानी ही बचाव
गंगोलीहाट कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र जोशी और एसएसआई बीसी मासीवाल ने स्थानीय लोगों और आशा कार्यकर्ताओं को जागरूक करते हुए कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा टिप्स साझा किए हैं:
- इंटरनेट बंद रखें: किसी भी अपरिचित व्यक्ति से फोन पर बात करते समय अपने मोबाइल का इंटरनेट डेटा बंद रखें।
- हेल्पलाइन 1930: किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की स्थिति में तत्काल 1930 नंबर पर कॉल करें ताकि साइबर सेल फंड को फ्रिज कर सके।गोपनीयता:
- सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कभी भी ओटीपी (OTP), पिन या बैंक विवरण साझा न करें।









