देहरादून, 19 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की आहट के बीच कांग्रेस ने अपनी सांगठनिक सक्रियता बढ़ा दी है। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा आगामी 27 अप्रैल से गढ़वाल मंडल के सात दिवसीय दौरे पर आ रही हैं।
इस दौरे को ‘चारधाम यात्रा’ का नाम दिया गया है, जिसके तहत वे बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में दर्शन करने के साथ ही गढ़वाल के विभिन्न जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलनों को संबोधित करेंगी। कुमाऊं मंडल के सफल दौरे के बाद एक ही महीने के भीतर शैलजा का यह दूसरा बड़ा उत्तराखंड प्रवास है।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरे की रूपरेखा तैयार कर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) को अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दी गई है। कार्यक्रम के मुताबिक, कुमारी शैलजा 27 अप्रैल को ऋषिकेश पहुंचेंगी और वहां से दलबल के साथ गढ़वाल के पर्वतीय जिलों के लिए रवाना होंगी। यात्रा का समापन 3 मई को टिहरी जिले के चंबा में आयोजित होने वाले भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन के साथ होगा।
संगठन की मजबूती और जमीनी फीडबैक पर जोर
इस सात दिवसीय प्रवास के दौरान शैलजा केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं रहेंगी। उन्होंने श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, चमोली, कर्णप्रयाग, चंबा और नई टिहरी में कार्यकर्ता सम्मेलनों का व्यापक खाका तैयार किया है।
इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनाव के मद्देनजर कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरना और स्थानीय स्तर पर जनता के मिजाज को समझना है। प्रदेश प्रभारी स्थानीय नेताओं के साथ छोटी-छोटी क्लोज-डोर बैठकें भी करेंगी, ताकि धरातल की वास्तविक रिपोर्ट दिल्ली नेतृत्व को सौंपी जा सके।
हरीश रावत की सक्रियता ने बढ़ाया सियासी पारा
शैलजा के दौरे से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की गतिविधियों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। दो दिनों के धराली दौरे के बाद रावत शनिवार को अचानक नई दिल्ली पहुंचे और कुमारी शैलजा से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच प्रदेश के आपदाग्रस्त क्षेत्रों की स्थिति और आगामी चुनावी रणनीति पर लंबी चर्चा हुई है।
हाल ही में ‘अर्जित अवकाश’ (लीव) की घोषणा करने वाले रावत की इस सक्रियता को देखते हुए माना जा रहा है कि वे 27 अप्रैल से शुरू हो रहे गढ़वाल दौरे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।









