देहरादून, 19 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
जिलाधिकारी सविन बंसल के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) ने बीती रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक निरंजनपुर क्षेत्र में सघन छापेमारी की। इस दौरान एक बंद पड़े पेट्रोल पंप के परिसर से अवैध रिफिलिंग के खेल का पर्दाफाश करते हुए सैकड़ों गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं।
निरंजनपुर में आधी रात को एक्शन
प्रशासनिक टीम को सूचना मिली थी कि निरंजनपुर सब्जी मंडी के पास स्थित सिद्ध पीठ प्राचीन मंदिर के निकट एक बंद पेट्रोल पंप के कमरे में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग की जा रही है। मौके पर पहुंची क्यूआरटी ने जब छापेमारी की, तो वहां अवैध रिफिलिंग के 4 उपकरण और भारी मात्रा में गैस सिलेंडर मिले। मौके से 27 घरेलू, 4 छोटे और 1 व्यावसायिक सिलेंडर जब्त किया गया।
सबसे बड़ी बरामदगी मौके पर खड़े वाहन (UP17BT0390) से हुई, जिसमें 327 गैस सिलेंडर लदे हुए थे। जांच में पता चला कि यह वाहन लोनी बॉटलिंग गैस प्लांट से करीब 360 सिलेंडर लेकर निकला था, जिन्हें अवैध रूप से बाजार में खपाने की तैयारी थी। छापेमारी के दौरान वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर थाना पटेल नगर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सहस्त्रधारा रोड पर भी छापेमारी
निरंजनपुर के अलावा प्रशासन की टीम ने सहस्त्रधारा रोड स्थित काली बस्ती में भी दबिश दी। यहां एक मकान की छत पर अवैध रूप से रखे गए 7 गैस सिलेंडर बरामद हुए। इनमें 4 व्यावसायिक और 3 घरेलू सिलेंडर शामिल थे। जांच में पाया गया कि व्यावसायिक सिलेंडरों में से गैस निकालकर उन्हें आंशिक रूप से भरा गया था, जो सीधे तौर पर कालाबाजारी और रिफिलिंग की ओर इशारा करता है। इन सिलेंडरों को तत्काल प्रभाव से सीज कर जीवन ज्योति गैस सर्विस, कैनाल रोड की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
जनसुरक्षा और सख्त चेतावनी
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि गैस की अवैध रिफिलिंग न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह रिहायशी इलाकों में जनसुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास इस तरह की संदिग्ध गतिविधियां दिखें, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दें।









