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Chardham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा पर भ्रामक वीडियो शेयर किया तो जाना पड़ सकता है जेल, पर्यटन विभाग सख्त

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देहरादून, 21 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर पर्यटन विभाग ने कमर कस ली है। विभाग ने सोमवार को एक विस्तृत आधिकारिक गाइडलाइन जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यात्रा से संबंधित किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी, फर्जी संदेश या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करना अब भारी पड़ सकता है। गलत सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ विभाग न केवल नजर रख रहा है, बल्कि उनके विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि फर्जी सूचनाएं न केवल श्रद्धालुओं को भ्रमित करती हैं, बल्कि इससे सार्वजनिक व्यवस्था और जनभावनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।

साइबर ठगी पर सीधी चोट

यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग के नाम पर होने वाली साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए विभाग ने विशेष निगरानी तंत्र तैयार किया है। यदि किसी यात्री के साथ फर्जी वेबसाइट के जरिए ठगी होती है, तो वे तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, देहरादून साइबर अपराध पुलिस स्टेशन के फोन नंबर 0135-2655900 और आधिकारिक ईमेल पर भी संपर्क किया जा सकता है।

दर्शन के लिए टोकन और सत्यापन अनिवार्य

भीड़ नियंत्रण और पारदर्शिता के लिए इस बार धामों में दर्शन हेतु टोकन व्यवस्था लागू की गई है। श्रद्धालुओं को पंजीकरण दस्तावेजों के सत्यापन के बाद कुछ ही सेकंड में टोकन मिल जाएगा। यह सुविधा जानकीचट्टी, यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, और ऋषिकेश आईएसबीटी सहित प्रमुख पड़ावों पर उपलब्ध होगी। ऑफलाइन पंजीकरण कराने वालों के लिए आधार प्रमाणीकरण और फेस आईडी से जुड़े यूनिक क्यूआर कोड युक्त टिकट जारी किए जा रहे हैं।

सेहत और सुरक्षा का रखें ध्यान

पहाड़ों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विभाग ने यात्रियों को कम से कम सात दिन का यात्रा प्लान बनाने की सलाह दी है। गाइडलाइन के अनुसार, ऊंचे क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और ठंड से बचने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य है। विशेष रूप से 55 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों को श्वसन व्यायाम और पैदल चलने के अभ्यास की सलाह दी गई है। प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में रियल-टाइम अपडेट पाने के लिए यात्रियों को ‘सचेत’ मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

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