देहरादून, 21 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने और युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में तीन महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने अगले तीन वर्षों के भीतर राज्य के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित सभी सिंगल लेन नेशनल हाईवे को डबल लेन में बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसके समानांतर, शिक्षा विभाग ने मेधावी छात्रों के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शासनादेश (GO) जारी कर दिया है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 11,000 युवाओं को आर्थिक राहत मिलेगी।
सड़क नेटवर्क का कायाकल्प: पहाड़ों में डबल और मैदानों में फोर लेन
राज्य के सड़क बुनियादी ढांचे को लेकर लोनिवि ने एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। वर्तमान में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगभग 2,000 किलोमीटर नेशनल हाईवे हैं, जिनमें से करीब 1,000 किलोमीटर हिस्सा अब भी सिंगल लेन है। लोनिवि के विभागाध्यक्ष (HoD) राजेश शर्मा के अनुसार, इन सभी मार्गों को चरणबद्ध तरीके से अगले तीन साल में डबल लेन किया जाएगा।
मैदानी जिलों—देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर—में यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए करीब 155 किलोमीटर सिंगल लेन हाईवे को फोर लेन में तब्दील करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न केवल स्थानीय परिवहन को सुगम बनाना है, बल्कि चारधाम यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले खतरनाक मोड़ और ढलानों (ब्लैक स्पॉट्स) को ठीक कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना भी है।
युवाओं को सौगात: 11 हजार छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग योजना
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ के विधिवत कार्यान्वयन की घोषणा की है। इस योजना पर सरकार हर साल 11 करोड़ रुपये खर्च करेगी। योजना का लाभ जिला स्तरीय खुली स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से चयनित मेधावियों को दिया जाएगा।
कोचिंग का विवरण और पात्रता:
- सिविल सर्विसेज: 2,000 मेधावी छात्र।
- SSC, रेलवे व अन्य: 5,000 छात्र।
- बैंकिंग सर्विसेज: 2,000 छात्र।
- CAT, MAT, NET, CSIR: 2,000 छात्र।
पात्रता: स्नातक/स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के छात्र या एक साल पहले डिग्री पूरी करने वाले अभ्यर्थी।
चयनित अभ्यर्थियों को प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। योजना की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति का गठन किया गया है, जो प्रतिवर्ष इसकी समीक्षा करेगी।
मियांवाला में प्राकृतिक तालाब का कायाकल्प
शहरी विकास के तहत मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने देहरादून के मियांवाला क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने सोमवार को मियांवाला पंचायत घर गन्ना सेंटर के पास नवनिर्मित पार्क और पुनर्जीवित प्राकृतिक तालाब का लोकार्पण किया।
3.30 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत वर्षों से उपेक्षित पड़े तालाब का सौंदर्यीकरण किया गया है। एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि इस पार्क से स्थानीय निवासियों को एक बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलेगा।
| योजना/परियोजना | लक्ष्य/लागत | मुख्य लाभार्थी |
| NH चौड़ीकरण (पहाड़) | 1000 किमी (3 वर्ष में) | यात्री और स्थानीय निवासी |
| मुफ्त कोचिंग योजना | 11,000 छात्र (₹11 करोड़/वर्ष) | प्रतियोगी छात्र |
| मियांवाला पार्क | ₹3.30 करोड़ | देहरादून क्षेत्रवासी |









