रुद्रप्रयाग, 22 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। केदारनाथ धाम (Kedarnath Yatra 2026) के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज हो गया है, लेकिन पहले ही दिन प्रशासन के तमाम दावों की जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में है। धाम में दर्शन के लिए पहुंचे दो श्रद्धालुओं की हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद प्रशासनिक समन्वय की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं में देरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
पीठ पर लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा शव
बड़ौदा (गुजरात) निवासी 69 वर्षीय श्रद्धालु दिलीप भाई मनु माली अपने परिवार के साथ बाबा केदार के दर्शन के लिए आए थे। मृतक के बेटे हेमंत माली के अनुसार, केदारनाथ पहुंचते ही उनके पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे गिर पड़े।
हेमंत ने आरोप लगाया कि आपातकालीन नंबर 100 पर कॉल करने के बावजूद डेढ़ घंटे तक कोई चिकित्सीय सहायता मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरन हेमंत को अपने पिता को पीठ पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हेलीपैड पर घंटों इंतजार और एंबुलेंस का विवाद
परिजनों का आरोप यहीं खत्म नहीं हुआ। हेमंत के मुताबिक, उनके पिता का शव करीब दो घंटे तक हेलीपैड पर चिलचिलाती धूप में पड़ा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि वीआईपी मूवमेंट के लिए हेलीकॉप्टर उपलब्ध थे, लेकिन शव को नीचे ले जाने के लिए उन्हें इंतजार कराया गया। इतना ही नहीं, दिल्ली एयरपोर्ट तक शव पहुंचाने के लिए एंबुलेंस संचालक द्वारा 16,000 रुपये मांगे जाने का भी दावा किया गया है।
प्रशासन और पुलिस की सफाई
रुद्रप्रयाग पुलिस ने इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि दिलीप भाई की मौत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई थी। शव को हेलीकॉप्टर के माध्यम से पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाना था, लेकिन उसी समय डीजीसीए (DGCA) द्वारा हेली सेवाओं की सुरक्षा का निरीक्षण किया जा रहा था, जिसके कारण उड़ानों में देरी हुई। पुलिस के अनुसार, एनओसी मिलने के बाद दोपहर 12:30 बजे शव को हेलीकॉप्टर से गुप्तकाशी भिजवाया गया। उधर, यूकाडा (UCADA) के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही 15 मिनट के भीतर व्यवस्था कर दी गई थी।
सोनप्रयाग में एक और श्रद्धालु ने तोड़ा दम
केदारनाथ मार्ग पर ही सोनप्रयाग में एक और दुखद घटना हुई। मथुरा (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले 32 वर्षीय राहुल चौधरी की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। राहुल अपने चाचा के साथ कपाट खुलने के मौके पर दर्शन के लिए पहुंचे थे। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।









