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Adi Kailash Yatra 2026 : आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन की तारीख तय, जानें कब से मिलेंगे ऑनलाइन परमिट

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पिथौरागढ़, 22 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत के केंद्र आदि कैलाश (Adi Kailash Yatra 2026) और ओम पर्वत यात्रा इस वर्ष 1 मई से शुरू होने जा रही है। इसी दिन जोलिंगकोंग स्थित पवित्र शिव धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्र में होने वाली इस महत्वपूर्ण यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अपनी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और परमिट की व्यवस्था

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि यात्रा के लिए अनिवार्य ‘इनर लाइन परमिट’ की प्रक्रिया 28 अप्रैल से ऑनलाइन शुरू कर दी जाएगी। श्रद्धालु आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। हालांकि, कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परमिट भौतिक रूप से धारचूला से ही जारी किए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए डिजिटल विंडो को समय पर सक्रिय किया जा रहा है।

मार्ग पर सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के कड़े निर्देश

यात्रा मार्ग को व्यवस्थित करने के लिए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य और दूरसंचार विभाग को विशेष निर्देश दिए हैं। सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर एम्बुलेंस और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। धारचूला से जोलिंगकोंग तक के मार्ग पर संचार सेवाओं को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि आपात स्थिति में यात्रियों को सहायता मिल सके। इसके अतिरिक्त, ठहरने के स्थानों पर शौचालय और स्वच्छता के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।

बढ़ता क्रेज 

आदि कैलाश यात्रा के प्रति देशव्यापी आकर्षण में पिछले तीन वर्षों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस क्षेत्र के भ्रमण के बाद यात्रियों की संख्या में भारी उछाल आया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जहां पहले साल भर में केवल 2000 के करीब श्रद्धालु पहुंचते थे, वहीं 2023 में यह संख्या 28 हजार और पिछले साल 36 हजार के आंकड़े को पार कर गई। इसी रुझान को देखते हुए इस वर्ष प्रशासन रिकॉर्ड तोड़ भीड़ की उम्मीद कर रहा है।

यात्रा का समय और रूट चार्ट

आदि कैलाश की यात्रा मुख्य रूप से तीन स्थानों से संचालित होती है, जिसमें समय की अवधि अलग-अलग रहती है:

  • हल्द्वानी से: यात्रा संपन्न होने में 8 दिन का समय लगता है।
  • टनकपुर से: श्रद्धालुओं को करीब 6 दिन लगते हैं।
  • धारचूला से: यह सबसे छोटा रूट है, जो 5 दिन में पूरा होता है।

बद्रीनाथ धाम के कपाट कल खुलेंगे

एक ओर जहां आदि कैलाश की तैयारियां तेज हैं, वहीं दूसरी ओर बद्रीनाथ धाम के कपाट कल, 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खोल दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह के लिए मंदिर को विदेशी फूलों से सजाया गया है।

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