देहरादून, 23 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर चार धाम यात्रा (Chardham Yatra 2026) का औपचारिक आगाज हो चुका है, लेकिन इस बार तीर्थस्थलों की पवित्रता और परंपराओं को लेकर नियमों में कड़ाई बरती जा रही है।
गंगोत्री मंदिर समिति ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में गैर-हिंदुओं को प्रवेश तभी दिया जाएगा, जब वे ‘पंचगव्य’ का सेवन करेंगे। समिति का तर्क है कि इससे सनातन धर्म के प्रति आगंतुक की निष्ठा और श्रद्धा की पुष्टि हो सकेगी।
गंगोत्री में ‘पंचगव्य’ और शुद्धिकरण की परंपरा
गंगोत्री मंदिर समिति के अनुसार, मंदिर में प्रवेश के इच्छुक गैर-हिंदू तीर्थयात्रियों को गाय के दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर के मिश्रण यानी ‘पंचगव्य’ का सेवन करना होगा। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने इस परंपरा का समर्थन करते हुए कहा कि सनातन धर्म में किसी भी अनुष्ठान की पूर्णता पंचगव्य के बिना नहीं मानी जाती।
उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में मंदिर में ऐसे लोगों की भीड़ बढ़ी है जिनका जुड़ाव सनातन परंपराओं से नहीं है, इसलिए यह कदम केवल वास्तविक श्रद्धालुओं को अनुमति सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
बद्रीनाथ और केदारनाथ में देना होगा शपथ-पत्र
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने भी सुरक्षा और धार्मिक मर्यादा के मद्देनजर कड़े रुख के संकेत दिए हैं। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई बजट बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके तहत गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर औपचारिक पाबंदियां लागू की गई हैं।
यहाँ आने वाले गैर-हिंदू आगंतुकों से उनकी आस्था की पुष्टि करने वाला एक शपथ-पत्र मांगा जा रहा है। द्विवेदी के अनुसार, देवभूमि के पवित्र स्थलों की प्राचीन मर्यादा को बनाए रखने के लिए इन नियमों को औपचारिक रूप देना समय की मांग है।
यमुनोत्री ने अपनाया ‘अतिथि देवो भव’ का मार्ग
एक ओर जहाँ गंगोत्री और बद्रीनाथ-केदारनाथ में नियमों को सख्त किया गया है, वहीं यमुनोत्री मंदिर समिति ने अलग रुख अपनाया है। यमुनोत्री समिति ने स्पष्ट किया है कि वे ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा का पालन करेंगे। यहाँ जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव किए बिना सभी भक्तों का स्वागत करने का निर्णय लिया गया है। समिति का मानना है कि धाम के दर्शन के लिए आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत होना चाहिए।









