देहरादून, 24 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। भारत सरकार के गृह मंत्रालय और नागरिक सुरक्षा निदेशालय के निर्देशों पर आज रात देहरादून शहर के प्रमुख हिस्सों में ‘ब्लैकआउट’ और ‘एयर रेड’ अभ्यास (Dehradun Blackout Mock Drill) किया जाएगा। जिलाधिकारी और जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष सविन बंसल के नेतृत्व में आयोजित होने वाली इस ड्रिल का उद्देश्य किसी भी युद्धकालीन स्थिति या बड़ी आपदा के समय नागरिक सुरक्षा तंत्र की तत्परता को जांचना है।
रात 10:05 बजे से शुरू होगा अभ्यास
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रात 10:05 बजे से शहर के चिन्हित क्षेत्रों में सायरन बजाया जाएगा। इसके तुरंत बाद लगभग 30 मिनट के लिए इन इलाकों में स्ट्रीट लाइट, पार्कों की रोशनी और अन्य सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान जिला प्रशासन, सेना, NDRF, SDRF और नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) की टीमें ग्राउंड पर समन्वय का परीक्षण करेंगी।
इन 4 प्रमुख स्थानों पर रहेगा असर
जिलाधिकारी ने इस अभ्यास के लिए शहर के चार सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण केंद्रों को चुना है:
- घंटाघर (Clock Tower)
- ISBT परिसर
- आराघर
- डिल रायपुर
इन क्षेत्रों में ड्रिल के दौरान पुलिस और प्रशासन की विशेष तैनाती रहेगी। तहसील स्तर पर गठित IRS अधिकारियों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
24×7 कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
मॉक ड्रिल को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला स्तर पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (EOC) सक्रिय कर दिया गया है। दूरसंचार, वायरलेस और हॉटलाइन के माध्यम से सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी 24 घंटे कंट्रोल रूम में मौजूद रहेंगे। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यह अभ्यास केवल कागजी न होकर धरातल पर प्रतिक्रिया समय (Response Time) को मापने के लिए है।
अफवाहों पर ध्यान न दें नागरिक
जिला प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह एक पूर्व निर्धारित अभ्यास है, इसलिए सायरन की आवाज सुनकर या अचानक बिजली गुल होने पर नागरिक घबराएं नहीं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इसे एक सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा समझें और किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं।
मॉक ड्रिल: मुख्य विवरण एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
| तारीख | 24 अप्रैल 2026 |
| सायरन का समय | रात 10:00 बजे से |
| ब्लैकआउट अवधि | रात 10:05 से 10:35 बजे (लगभग) |
| नोडल एजेंसी | नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण |
| प्रमुख सहयोगी | सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और सिविल डिफेंस |









