देहरादून, 26 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और प्रशासनिक डेटा को दुरुस्त करने के लिए निर्वाचन विभाग ने ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (Uttarakhand SIR Campaign) कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली है।
मई और जून की भीषण गर्मी के बीच राज्य में यह बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, देश के पांच अन्य राज्यों (तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी) में चुनाव परिणाम 4 मई को आने के बाद उत्तराखंड में SIR की औपचारिक तिथियों का ऐलान कर दिया जाएगा।
प्री-एसआईआर मैपिंग में पहाड़ आगे, मैदान पीछे
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि राज्य में प्री-एसआईआर (Pre-SIR) का लगभग 88.86 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है। डेटा के मुताबिक, पर्वतीय जिलों ने इस कार्य में बेहतर प्रदर्शन किया है। बागेश्वर जिला 100 प्रतिशत मैपिंग के साथ प्रदेश में शीर्ष पर है।
अन्य जिलों की स्थिति इस प्रकार है:
- चम्पावत: 95.09%
- अल्मोड़ा: 94.70%
- रुद्रप्रयाग: 93.71%
- हरिद्वार: 90.72%
- देहरादून: 81.16% (सबसे कम)
मैदानी जिलों में ऊधम सिंह नगर और देहरादून की रफ्तार फिलहाल धीमी है, जिसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
33 सवालों के साथ घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम
वोटर लिस्ट के काम के साथ-साथ प्रदेश में जनगणना के पहले चरण यानी ‘भवन गणना’ का काम भी शुरू हो गया है। जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि पूरे प्रदेश को 32 हजार हिस्सों में बांटा गया है। अगले एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में 30 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारी तैनात किए गए हैं। ये कर्मचारी प्रत्येक घर का सूचीकरण करेंगे और परिवारों से 33 अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी एकत्र करेंगे।
योजनाओं के निर्माण में काम आएगा डेटा
निदेशक ने स्पष्ट किया कि इस गणना का मुख्य उद्देश्य राज्य के समग्र विकास के लिए सटीक डेटा जुटाना है। भवनों और परिवारों की सटीक जानकारी से भविष्य में सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। जनता की सुविधा और जानकारी के लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 1855 भी जारी किया है।
जिलावार मैपिंग प्रगति (टॉप 5 जिले)
| जिला | मैपिंग प्रतिशत |
| बागेश्वर | 100% |
| चम्पावत | 95.09% |
| अल्मोड़ा | 94.70% |
| रुद्रप्रयाग | 93.71% |
| टिहरी गढ़वाल | 93.33% |









