देहरादून, 26 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। सहस्रधारा रोड स्थित एटीएस (ATS) कॉलोनी के निवासी लंबे समय से जिस खौफ के साये में थे, उस पर अब जिला प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है। विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल (Builder Puneet Agarwal) की ‘गुंडागर्दी’ का संज्ञान लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गुंडा एक्ट के तहत नोटिस जारी कर दिया है।
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी बिल्डर को 7 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो पुनीत अग्रवाल के खिलाफ जिला बदर (निष्कासन) की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
यह प्रशासनिक कार्रवाई शनिवार को कॉलोनी के निवासियों द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन के बाद तेज हुई है। एटीएस कॉलोनी के लोगों ने बिल्डर के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग को लेकर करीब 6 घंटे तक धरना दिया था।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुनीत अग्रवाल पिछले कई वर्षों से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ अभद्रता कर रहा है। बार-बार पुलिस शिकायत और मुकदमों के बावजूद बिल्डर के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया, जिससे कॉलोनी की शांति व्यवस्था पूरी तरह भंग हो गई थी।
पुनीत अग्रवाल पर पहले भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने की घटना के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए न केवल आरोपी का शस्त्र जब्त किया था, बल्कि लाइसेंस भी निलंबित कर दिया था। इसके अतिरिक्त, आरोपी पर डीआरडीओ (DRDO) वैज्ञानिक के साथ मारपीट, नशे की हालत में आरडब्ल्यूए (RWA) अध्यक्ष के साथ हाथापाई और गाली-गलौज के भी मामले दर्ज हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वर्तमान में बिल्डर के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की धारा 115 (2), 351(2), 352, 74, 126(2), 324(4) और 447 के तहत चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। लगातार विवादों और जनसुरक्षा को खतरे में डालने के कारण अब प्रशासन उसे जिले की सीमा से बाहर भेजने की तैयारी में है।









