देहरादून, 29 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के नागरिकों को अब ड्राइविंग लाइसेंस (DL) से संबंधित सुधारों और रिन्युअल के लिए आरटीओ (RTO) कार्यालयों की लंबी लाइनों में नहीं जूझना होगा। परिवहन विभाग अगले दो सप्ताह के भीतर ‘आधार बेस्ड वेरिफिकेशन’ की सुविधा शुरू करने जा रहा है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद आवेदक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए डीएल रिन्युअल, नाम-पता परिवर्तन और डुप्लीकेट कॉपी प्राप्त करने जैसे कार्य घर बैठे ही पूरे कर सकेंगे।
वर्तमान व्यवस्था के तहत आवेदकों को ऑनलाइन फीस जमा करने के बावजूद फोटो, बायोमेट्रिक हस्ताक्षर और दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के लिए आरटीओ दफ्तर जाना पड़ता है। अक्सर सर्वर की खराबी या अत्यधिक भीड़ के कारण लोगों का पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। नई प्रणाली में आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से आवेदक की पहचान स्वतः सत्यापित हो जाएगी, जिससे कार्यालय जाने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी।
सारथी पोर्टल पर मिलेगी सुविधा
परिवहन विभाग के ‘सारथी पोर्टल’ पर आवेदकों को संबंधित सेवा के लिए आवेदन करना होगा। फीस जमा करने के बाद आधार नंबर दर्ज करते ही मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) प्राप्त होगा। इस ओटीपी के जरिए आवेदन प्रमाणित होते ही सारा डेटा संबंधित आरटीओ कार्यालय पहुंच जाएगा। विभागीय मंजूरी मिलते ही नया लाइसेंस तैयार कर दिया जाएगा।
कोरियर से होगी होम डिलीवरी
विभाग लाइसेंस को आवेदकों तक तेजी से पहुंचाने के लिए निजी कोरियर कंपनियों के साथ अनुबंध करने की योजना बना रहा है। इससे लाइसेंस तैयार होते ही बिना किसी देरी के सीधे आवेदक के पते पर डिलीवर हो जाएगा। आवेदक पोर्टल पर अपने आवेदन की ‘रियल टाइम’ स्थिति भी ट्रैक कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
नया लाइसेंस: टेस्ट के लिए जाना होगा दफ्तर
अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह ने स्पष्ट किया है कि लर्निंग लाइसेंस और पहली बार बनने वाले परमानेंट लाइसेंस के लिए ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया ऑनलाइन संभव नहीं है। इसलिए, नए लाइसेंस के आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए निर्धारित तिथि पर आरटीओ कार्यालय पहुंचना ही होगा। शेष सभी सुधार और रिन्युअल सेवाएं पूरी तरह कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस (संपर्क रहित) हो जाएंगी।









