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सरकारी स्कूलों में अब पुरानी किताबों से होगी पढ़ाई, मुख्य सचिव ने दिए ‘बुक बैंक’ बनाने के निर्देश

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देहरादून, 06 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य के सभी शासकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को अनिवार्य रूप से दुरुस्त करने के निर्देश दिए। सरकार का मुख्य फोकस अब स्कूलों में संसाधनों की बर्बादी रोकने और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर है।

किताबों पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये बचाएगी सरकार

मुख्य सचिव ने सचिव शिक्षा को निर्देश दिए कि प्रदेश के हर सरकारी स्कूल में ‘बुक बैंक’ स्थापित किया जाए। इस योजना के तहत छात्र अपनी कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पुरानी किताबें स्कूल में जमा करेंगे, जिन्हें अगले सत्र में नए छात्रों को वितरित किया जाएगा। केवल उन्हीं किताबों की छपाई की जाएगी जो खराब हो चुकी हैं या जिनकी मांग नई है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस पहल से हर साल किताबों की छपाई पर होने वाले करोड़ों रुपये के सरकारी खर्च की बचत होगी।

शौचालयों की सफाई के लिए बनेगा स्थायी मैकेनिज्म

स्कूलों में स्वच्छता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए आनंद बर्द्धन ने शौचालयों की सफाई का स्थायी समाधान निकालने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष मैकेनिज्म तैयार किया जाए, जिसके लिए अलग से फंड की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, सभी स्कूलों में बिजली, पानी और सुलभ शौचालय की उपलब्धता अनिवार्य करने के आदेश दिए गए हैं।

निर्माण कार्यों के लिए नाबार्ड से मिलेगी फंडिंग

क्लस्टर विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने क्लासरूम और हॉस्टल निर्माण में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि इन निर्माण कार्यों में बजट की कमी न आए, इसके लिए नाबार्ड (NABARD) से फंडिंग की आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही, सरकारी स्कूलों के छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए डिजिटल पुस्तकालय (Digital Library) बनाने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में सचिव शिक्षा रविनाथ रमन और माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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