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Women Heart Health Tips : रोजाना ये आदतें अपनाकर महिलाएं रख सकती हैं दिल को हेल्दी

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Women Heart Health Tips : कई सालों तक हृदय रोग को पुरुषों की बीमारी माना जाता रहा, लेकिन हकीकत यह है कि दुनियाभर में महिलाओं की मौत का सबसे बड़ा कारण हार्ट डिज़ीज़ है। भारत में भी स्थिति चिंताजनक है।

महिलाओं में अलग लक्षण

दिल की बीमारी के लक्षण पुरुषों और महिलाओं में एक जैसे नहीं होते। पुरुषों में जहां अक्सर सीने में तेज दर्द होता है, वहीं महिलाओं को हार्ट डिज़ीज़ में थकान, सांस फूलना, चक्कर या मतली जैसी समस्या महसूस होती है। यही वजह है कि अक्सर समय रहते सही निदान नहीं हो पाता।

मेनोपॉज़ और हार्ट हेल्थ

मेनोपॉज़ सीधे तौर पर दिल की बीमारी का कारण नहीं है, लेकिन इस दौरान हार्मोनल बदलाव (खासतौर पर एस्ट्रोजन की कमी) दिल को कमजोर बना सकते हैं।

एस्ट्रोजन दिल और धमनियों को लचीला बनाए रखने में मदद करता है। जिन महिलाओं को जल्दी मेनोपॉज़ हो जाता है या जिन्होंने कभी बच्चा नहीं किया, उनमें हार्ट डिज़ीज़ का खतरा बढ़ जाता है।

गर्भावस्था से जुड़ी समस्याएं

गर्भावस्था में जेस्टेशनल डायबिटीज़ या प्रीक्लेम्पसिया जैसी जटिलताएं आगे चलकर दिल की बीमारियों का कारण बन सकती हैं। बार-बार गर्भपात होने पर भी दिल की सेहत पर असर पड़ता है।

डायबिटीज और दिल की बीमारी

मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में हार्ट डिज़ीज़ का खतरा पुरुषों से कहीं ज्यादा होता है। 30 से 60 वर्ष की महिलाओं में डायबिटीज़ होने पर हार्ट फेलियर का रिस्क लगभग दोगुना हो जाता है।

समस्या यह है कि अक्सर महिलाएं शुरुआती लक्षणों को पहचान नहीं पातीं और इलाज में देर हो जाती है।

महिलाओं को हार्ट हेल्थ के लिए क्या करना चाहिए?

पौष्टिक आहार लें – ज्यादा फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट्स शामिल करें।

नियमित व्यायाम करें – रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या योग से दिल मजबूत बनता है।

तनाव पर नियंत्रण रखें – ध्यान, प्राणायाम और योग अपनाएं।

ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रॉल जांचें – यह ‘साइलेंट किलर’ है, इसलिए समय-समय पर टेस्ट जरूरी है।

वजन संतुलित रखें – मोटापा दिल की सबसे बड़ी दुश्मन है।

रेगुलर हेल्थ चेकअप कराएं – खासकर 40 की उम्र के बाद महिलाओं को हार्ट हेल्थ चेकअप कराना बहुत जरूरी है।

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