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हरिद्वार में ‘जीवित पिंडदान’ मामले में नया मोड़: पत्नी नेहा अरोड़ा ने तोड़ी चुप्पी, लगाए गंभीर आरोप

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देहरादून/हरिद्वार, 11 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। हरिद्वार की मर्यादा और आस्था के केंद्र हर की पैड़ी पर एक व्यक्ति द्वारा अपनी जीवित पत्नी का पिंडदान करने के मामले में अब दूसरा पक्ष सामने आया है। आरोपी अमित अरोड़ा की पत्नी नेहा अरोड़ा ने एक वीडियो जारी कर अपने पति के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

देहरादून की रहने वाली नेहा का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो एकतरफा है और उनके पति ने उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।

दरअसल, तीन दिन पहले एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ था, जिसमें अमित अरोड़ा अपनी पत्नी की फोटो पर थूकते और उसे गंगा में प्रवाहित कर पिंडदान करते नजर आ रहे थे। अमित ने दावा किया था कि वह अपनी पत्नी की रील बनाने की आदत से परेशान हैं।

हालांकि, नेहा अरोड़ा ने अब साफ किया है कि उनके और अमित के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है और मामला कोर्ट में तलाक तक पहुंच चुका है। नेहा के अनुसार, रील बनाना विवाद की मुख्य वजह नहीं है, बल्कि यह उनके पति की प्रताड़ना को छिपाने का एक तरीका है।

“सच्चाई जाने बिना मुझे जज किया गया”

नेहा अरोड़ा ने भावुक होते हुए कहा कि समाज ने बिना उनकी स्थिति जाने उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित अरोड़ा अक्सर शराब पीकर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करते थे।

नेहा ने स्पष्ट किया, “मैं रील बनाती हूं लेकिन वह अभद्र नहीं होतीं। मेरे पति ने जिस तरह गंगा की पवित्रता का अपमान करते हुए मेरी फोटो पर थूका और वीडियो वायरल किया, उससे मेरी गरिमा को गहरी चोट पहुंची है।” नेहा ने यह भी कहा कि इस मानसिक दबाव में वह कोई गलत कदम उठा सकती थीं, लेकिन बच्चों के भविष्य के लिए उन्होंने लड़ना तय किया है।

मर्यादा और आस्था पर सवाल

इस घटनाक्रम ने न केवल पारिवारिक विवाद को सार्वजनिक किया है, बल्कि धार्मिक आस्था को लेकर भी बहस छेड़ दी है। हर की पैड़ी पर जिस तरह अमित अरोड़ा ने फोटो पर थूककर उसे गंगा में बहाया, उस पर तीर्थ पुरोहितों और हिंदूवादी संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। स्थानीय पुरोहितों का कहना है कि मोक्षदायिनी गंगा में इस तरह की अशोभनीय हरकत स्वीकार्य नहीं है। संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आस्था के केंद्र का अपमान करने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

विवाद की जड़ 

जानकारी के अनुसार, अमित और नेहा दोनों ही मूल रूप से देहरादून के निवासी हैं। दोनों के बीच वैवाहिक कलह के कारण वर्तमान में तलाक का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस इस मामले में दोनों पक्षों के दावों और सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल विवाद ने इंटरनेट पर ‘रील संस्कृति’ और ‘निजी झगड़ों के सार्वजनिक प्रदर्शन’ पर एक नई बहस शुरू कर दी है।

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