देहरादून, 13 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi Dehradun Expressway) पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब फ्री सफर का समय समाप्त हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बुधवार से इस 213 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर टोल वसूली शुरू करने जा रहा है। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद से अब तक वाहन चालक बिना किसी शुल्क के इस मार्ग का लाभ ले रहे थे, लेकिन अब निर्धारित दरों के अनुसार भुगतान करना अनिवार्य होगा।
टोल वसूली के लिए काठा और टटीरी टोल प्लाजा पर सभी तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। NHAI के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली से देहरादून तक की पूरी यात्रा के लिए हल्के वाहनों (कार/जीप) को संभावित रूप से 675 रुपये तक का कुल टोल चुकाना पड़ सकता है। यह एक्सप्रेसवे न केवल समय की बचत कर रहा है, बल्कि अब राजस्व सृजन के चरण में भी प्रवेश कर चुका है।
ऑटोमैटिक चालान और सुरक्षा व्यवस्था
एक्सप्रेसवे पर केवल टोल ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और नियमों को लेकर भी सख्ती बढ़ाई गई है। आधुनिक सेंसर और कैमरों के जरिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का ऑटोमैटिक चालान कटेगा। यह ई-चालान संबंधित जिले की परिवहन अथॉरिटी के माध्यम से सीधे वाहन मालिक के पते पर भेजा जाएगा। NHAI के एक्सईएन अंकित कुमार ने स्पष्ट किया कि बुधवार से टोल प्रक्रिया के साथ-साथ निगरानी तंत्र भी पूरी तरह सक्रिय रहेगा।
वाहनों की श्रेणी और टोल दरों का विवरण (सिंगल जर्नी)
टोल मैनेजर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के लिए दरें इस प्रकार निर्धारित की गई हैं:
| वाहन श्रेणी | सिंगल जर्नी (रुपये) | रिटर्न जर्नी (रुपये) |
| कार, जीप, हल्के वाहन | 190 | 285 |
| लाइट कमर्शियल/मिनी बस | 310 | 460 |
| बस और ट्रक (टू एक्सल) | 645 | 970 |
| थ्री एक्सल कमर्शियल वाहन | 705 | 1,055 |
| ओवर साइज व्हीकल | 1,235 | 1,835 |
रफ्तार पर रहेगी नजर
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा (Speed Limit) भी तय कर दी गई है। सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कारों के लिए 100 किमी/घंटा, बसों के लिए 90 किमी/घंटा और भारी मालवाहक वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा की सीमा निर्धारित है। इससे अधिक गति होने पर ऑटोमैटिक सिस्टम द्वारा चालान जारी किया जाएगा।
क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी
लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह 6-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम, गीता कॉलोनी और शास्त्री पार्क से सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी प्रदान करता है। इसके पूर्ण संचालन से दिल्ली और देहरादून के बीच का सफर 6 घंटे से घटकर महज 2.5 घंटे रह गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस कॉरिडोर से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन और किसानों के लिए दिल्ली की मंडियों तक पहुंच भी आसान हो जाएगी।









