देहरादून, 15 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में कुदरत के दो अलग-अलग मिजाज देखने को मिल रहे हैं। एक ओर जहां ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों और पहाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है, वहीं मैदानी इलाकों में चटक धूप ने तपिश बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को प्रदेश के आठ जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
इन जिलों में खराब रहेगा मौसम
मौसम निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर के मुताबिक, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में आज मौसम चुनौतीपूर्ण रह सकता है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल संभावना है। विभाग ने विशेष रूप से ऊंचाई वाले स्थानों पर रह रहे लोगों और चारधाम यात्रियों को सावधानी बरतने को कहा है।
मैदानी इलाकों में गर्मी का दोहरा अटैक
पहाड़ों में हो रही हलचल के बीच देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के मैदानी हिस्सों में राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि दर्ज की जा सकती है। दोपहर के समय चटक धूप के कारण गर्मी का असर तेज होगा, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
ऊंचे शिखरों पर बर्फबारी के आसार
राज्य के 4500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। 16 और 17 मई को भी उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे सीमांत जिलों में मौसम का यही रुख बना रहेगा। हालांकि, 18 मई से लेकर 20 मई तक पूरे प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है, लेकिन इस दौरान तापमान में गिरावट की संभावना कम है।
सुरक्षा को लेकर विशेष एडवायजरी
मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए विभाग ने किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और सुरक्षित स्थानों पर भंडारण करें।
- खराब मौसम या बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में शरण न लें।
- पशुपालक अपने मवेशियों को सुरक्षित छप्परों के नीचे बांधें।
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति | मुख्य चेतावनी |
| पर्वतीय जिले | हल्की बारिश और गरज-चमक | आकाशीय बिजली और तेज हवाएं |
| उच्च हिमालयी क्षेत्र | बर्फबारी (Snowfall) | ठंड में मामूली बढ़ोतरी |
| मैदानी जिले | शुष्क और गर्म | तापमान में 4°C तक की वृद्धि |









