Diabetes Symptoms : डायबिटीज एक ऐसी क्रॉनिक बीमारी है जिसका असर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह अंगों की कार्यक्षमता को भी कम कर सकती है।
यही वजह है कि डॉक्टर हमेशा ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं। कई बार डायबिटीज के मरीजों के पैरों में सूजन आने लगती है।
शुरुआत में इसे लोग सामान्य थकान या पानी रुकने की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक पैरों की सूजन चलने-फिरने में दिक्कत पैदा कर सकती है। आइए जानते हैं पैरों में सूजन की वजहें और इसे कम करने के घरेलू उपाय।
पैरों में सूजन क्यों होती है?
जब शरीर में लंबे समय तक ग्लूकोज का स्तर ज्यादा रहता है, तो यह नर्व्स को नुकसान पहुंचाने लगता है।
इस स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। इसकी वजह से पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन और दर्द महसूस होने लगता है।
कई बार यह समस्या एडिमा के कारण भी होती है। एडिमा एक मेडिकल कंडीशन है जिसमें ऊतकों में फ्लूइड जमा होने लगता है, जिससे पैरों में सूजन दिखाई देती है।
पैरों की सूजन से राहत पाने के उपाय
कंप्रेशन सॉक्स पहनें – मार्केट में मिलने वाले कंप्रेशन मोजे नसों पर हल्का दबाव डालते हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। शुरुआत में हल्के और ढीले मोजे पहनना ही बेहतर है।
पैर ऊंचाई पर रखें – अगर आप लंबे समय तक बैठे रहते हैं तो लेटकर पैरों को सीने से ऊपर उठाकर रखें। इससे जमा हुआ फ्लूइड वापस शरीर में चला जाता है और सूजन कम होती है।
नमक का सेवन घटाएं – ज्यादा नमक या पैकेज्ड फूड खाने से शरीर में पानी रुकने लगता है। इसके बजाय फ्लेवर देने के लिए हर्ब्स और मसालों का इस्तेमाल करें।
वजन नियंत्रित रखें – मोटापा डायबिटीज के साथ-साथ पैरों की सूजन को भी बढ़ा देता है। नियमित व्यायाम और हेल्दी डाइट से वजन कम करने पर सूजन में सुधार आता है।
मैग्नीशियम सप्लीमेंट लें – शरीर में मैग्नीशियम की कमी भी सूजन का कारण हो सकती है। डॉक्टर की सलाह पर मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेने से नर्व फंक्शन और ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहते हैं।
इप्सम सॉल्ट सोक – एक टब में ठंडे पानी और इप्सम सॉल्ट डालकर पैरों को 10–20 मिनट तक डुबोकर रखने से तुरंत आराम मिलता है।
डायबिटीज के मरीजों को पैरों की सूजन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय रहते सही कदम उठाने से बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।









