देहरादून, 22 मई (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में लगातार चढ़ते पारे और लू (हीटवेव) के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह से कमर कस ली है। राज्य के सभी जिलों में अलर्ट जारी करते हुए प्रत्येक सरकारी चिकित्सा इकाई में विशेष ‘हीट स्ट्रोक रूम’ बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद गर्मी और लू की चपेट में आने वाले मरीजों को बिना समय गंवाए आपातकालीन इलाज मुहैया कराना है।
जीवनरक्षक उपकरणों से लैस होंगे वार्ड
स्वास्थ्य महानिदेशक सुनीता टम्टा ने प्रदेश भर के अस्पतालों को इन विशेष कमरों में सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा है। इन हीट स्ट्रोक रूम में आइस पैक, आईवी फ्लूइड, ओआरएस (ORS) घोल, आवश्यक दवाइयां और गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर की सुविधा हर समय उपलब्ध रहेगी। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी हीट स्ट्रोक के मामलों से निपटने के लिए आपातकालीन मोड पर रखा गया है।
NHM ने शुरू किया जागरूकता अभियान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के माध्यम से भी सभी जिलों में बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर व पंपलेट के जरिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों को अधिक गर्मी में बाहर न निकलने और हल्के कपड़े पहनने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य महानिदेशक की अपील
स्वास्थ्य महानिदेशक सुनीता टम्टा ने आम जनता से अपील की है कि तेज धूप के समय घर से बाहर निकलने से बचें। उन्होंने कहा कि शरीर में पानी की कमी न होने दें और अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी को भी चक्कर आने, तेज बुखार या डिहाइड्रेशन जैसी समस्या महसूस हो, तो वह तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।









