देहरादून, 22 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। डोईवाला क्षेत्र में कैंसर से जूझ रही एक विधवा मां की पुकार पर देहरादून जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। आर्थिक तंगी के कारण इलाज और बच्चों की पढ़ाई छोड़ने को मजबूर सुनीता कलवार को जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर 50 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। साथ ही उनके दोनों बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी प्रशासन ने अपने कंधों पर ले ली है।
सुनीता कलवार ने हाल ही में जिलाधिकारी सविन बंसल से मुलाकात कर अपनी परेशानी साझा की थी। उन्होंने बताया कि पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन पर है। इसी बीच उन्हें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ने घेर लिया। इलाज के भारी खर्च और सीमित आय के चलते बच्चों की स्कूल फीस जमा करना असंभव हो गया था, जिससे उनकी पढ़ाई छूटने की कगार पर थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तत्काल मदद के निर्देश जारी किए। जिला प्रशासन की ओर से ‘राइफल क्लब फंड’ के जरिए सुनीता को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।
प्रशासन ने सुनीता के बेटे का स्कूल में दाखिला सुनिश्चित कराया। वहीं, बेटी की बाधित हो चुकी पढ़ाई को ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत दोबारा शुरू कराया गया है। प्रशासन के इस कदम से बच्चों का भविष्य अंधकार में जाने से बच गया।
ज्ञात हो कि सुनीता का 11 जुलाई 2024 को जौलीग्रांट स्थित अस्पताल में कैंसर का ऑपरेशन हुआ था। वर्तमान में भी उनका इलाज लगातार चल रहा है। इस दौरान परिवार को आर्थिक और मानसिक संबल देने के लिए प्रशासन उनके संपर्क में है।
देहरादून जिला प्रशासन बीते कुछ समय से जरूरतमंद परिवारों के लिए कई स्तरों पर काम कर रहा है। ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के जरिए स्कूल छोड़ चुकी सैकड़ों असहाय बालिकाओं को वापस मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा गया है। इसके अलावा बैंक ऋण, बिजली-पानी के बिल और चिकित्सा के मामलों में भी पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।









