देहरादून, 9 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। नरेंद्रनगर नगर पालिका चुनाव के दौरान उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल विवादों में आ गए हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने उन पर चुनाव नियमों को ताक पर रखकर मतदान केंद्र के भीतर जाने और मतदाताओं के साथ दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग से करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने मंत्री के आचरण की कड़ी निंदा की है। उन्होंने दावा किया कि मतदान प्रक्रिया के बीच सुबोध उनियाल बिना किसी प्रोटोकॉल की परवाह किए पोलिंग बूथ के अंदर चले गए। जब स्थानीय लोगों ने इस पर ऐतराज जताया, तो मंत्री ने संयम बरतने के बजाय आक्रामक रवैया अपनाया।
कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक, विरोध कर रहे स्थानीय लोगों के साथ बदसलूकी की गई। गरिमा दसौनी ने आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल हुआ और वीडियो बना रहे या विरोध कर रहे लोगों के मोबाइल फोन तक छीनने का प्रयास किया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र में सत्ता के अहंकार का खुला प्रदर्शन करार दिया है।
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए गरिमा दसौनी ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” का नारा अब “जिसकी लाठी उसकी भैंस” में तब्दील हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कानून बनाने वाले और सत्ता में बैठे मंत्री ही निर्वाचन आयोग के नियमों की धज्जियां उड़ाएंगे, तो आम जनता से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
इस मामले में कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन आयोग से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और मतदाताओं पर दबाव बनाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कांग्रेस ने मांग की है कि अगर चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है, तो दोषियों के खिलाफ तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।









